फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   cattle slaughter and violence in uttar pradesh

यूपी: गोकशी पर बवाल, पथराव के बाद पुलिस का लाठीचार्ज

Mon, 14 Sep 2015 09:13 AM IST
Updated Mon, 14 Sep 2015 09:13 AM IST
विज्ञापन
cattle slaughter and violence in uttar pradesh

रविवार को गौकशी की घटना ने क्षेत्र में बवाल करा दिया। राजस्थान से आए मेवातियों के डेरे में गोमांस मिलने से ग्रामीण भड़क उठे और उन्होंने 11 मेवातियों को पीटकर पुलिस के हवाले कर दिया। यही नहीं ग्रामीणों ने गोमांस से लदी मैक्स को भी फूंक दिया। मौके पर जब पुलिस ने उन्हें शांत कराने को कोशिश की तो पुलिस पर भी पथराव कर दिया गया, जिससे एसपी (ग्रामीण), एसडीएम, दो दरोगा समेत कुछ पुलिसकर्मी जख्मी हो गए गए।

विज्ञापन


पुलिस ने लाठीचार्ज कर ग्रामीणों को खदेड़ा। घटना से गुस्साए ग्रामीणों ने अनूपशहर हाईवे पर पांच घंटे जाम लगाकर थाना घेरे रखा। यहां भी पुलिस को लाठियां फटकारनी पड़ी और हवाई फायरिंग करनी पड़ी।
विज्ञापन


बाद में भाजपा नेताओं की मध्यस्थता पर हंगामा शांत हुआ। पुलिस ने 11 मेवातियों के खिलाफ गोवध का मुकदमा दर्ज  किया है, जिनमें दो महिलाएं भी शामिल हैं। पुलिस के मुताबिक लगभग 55 गाएं काटीं गईं हैं। वहीं ग्रामीणों ने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के लिए प्रशासन को 15 दिन का अल्टीमेटम दिया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

ग्रामीणों ने गौकशी के शक में दबोचकर पीटा

cattle slaughter and violence in uttar pradesh

रविवार तड़के गांव कस्तली का एक व्यक्ति अपना ट्रैक्टर लेकर कासिमपुर पावर हाउस के फ्लाई ऐश के बंधे पर किसी काम से आ रहा था। तभी उसने देखा कि एक नाले में एक मैक्स फंसी खड़ी है और उसमें गौमांस लदा हुआ है।

पास ही नाले में डेढ़ दर्जन के करीब गायों के सिर पड़े हैं। इस ट्रैक्टर चालक ने गांव में फोन किया तो वहां से कई ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। इसी दौरान मैक्स के पास मौजूद दर्जन भर मेवाती लोग भागने की कोशिश कर रहे थे। जब उन्हें ग्रामीणों ने गौकशी के शक में दबोचकर पीटा तो उनका कहना था कि वह तो पशु पालक हैं। गायों को चराने के लिए आए हैं और यहां डेरा डाले हुए हैं।

रात में कुछ गौकश आए और उनकी गायों को काटकर मांस लादकर ले जा रहे थे। वह खुद बचकर भाग रहे थे। मगर ग्रामीणों को उनकी बात पर भरोसा नहीं हुआ। इसी बीच खबर पर इंस्पेक्टर जवां पहुंच गए। पुलिस ने पकड़े गए सभी 11 मेवातियों को कब्जे में लेकर थाने भिजवा दिया।

कुछ लोगों ने थाना घेर लिया

cattle slaughter and violence in uttar pradesh

मगर धीरे-धीरे खबर इलाके में फैली तो वहां सैकड़ों लोग जमा हो गए। बाद में मेयर शकुंतला भारती, विधायक ठा.दलवीर सिंह भी पहुंच गए। आक्रोशित ग्रामीण गौकशों को सौंपे जाने की मांग करने लगे। इसी बीच दौरान मैक्स गाड़ी फूंक दी। आक्रोश व हंगामा बढ़ता देख एडीएम सिटी, एडीएम प्रशासन, एसपी सिटी, एसपी ट्रैफिक, एसपीआरए सहित कई सीओ, कई एसओ भी पहुंच गए।

इस बीच गुस्साई भीड़ ने गौमांस व अवशेष उठाने पर पथराव कर दिया। भीड़ का कहना था कि यहां गायों की समाधि बनवाई जाएगी। पथराव पर कुछ देर को पुलिस बेकफुट पर आई। मगर बाद में लाठीचार्ज कर नियंत्रित किया गया। इसी बीच आधी से ज्यादा भीड़ हाईवे पर जवां में आ गई। जहां कुछ लोगों ने थाना घेर लिया तो कुछ ने सड़क पर जाम लगा दिया। दुपहर करीब डेढ़ बजे तक हंगामा होता रहा।

11 गौकशों पर दर्ज हुआ मुकदमा

cattle slaughter and violence in uttar pradesh

मेवाती गौकशों पर गांव सुमेरा निवासी धनंजय पंडित की ओर से दी गई तहरीर पर गौकशी, गौवंश की तस्करी व आर्म्स एक्ट का मुकदमा दर्ज कराया गया है, जिसमें 55 गायों की हत्या का आरोप है और सभी के पास से चाकू-छूरे व गौकशी के अन्य औजार भी मिले हैं।

इस मुकदमे में राजस्थान मेवात के टोंक व कोटा जिले के दल सिंह, विजय सिंह, विजयपाल, राम सिंह, मोहर सिंह, दुर्गा, शरमा सिंह, गोभा, मोहन सिंह, काली देवी और प्रेमबाई को आरोपी बनाया गया है। इधर, पब्लिक के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज होने के संकेत हैं। मगर देर रात तक इंस्पेक्टर इस बात से इंकार करते रहे।

ग्रामीणों द्वारा किए गए पथराव में एसपीआरए संसार सिंह, इंस्पेक्टर सिविल लाइंस, एसओ क्वार्सी, एसडीएम कोल के अलावा कुछ पुलिसकर्मी पत्थर चोटिल हुए।

सभी मामलों में हुई कार्रवाई का ब्योरा भी मांगा

cattle slaughter and violence in uttar pradesh

चंद्रकात, मंडलायुक्त ने कहा कि इस मामले में जिला प्रशासन को कठोरतम और त्वरित कार्रवाई का आदेश दिया गया है। दोषियों को किसी हाल में छोड़ा नहीं जाएगा। इसके साथ ही गोकशी के सभी मामलों में हुई कार्रवाई का ब्योरा भी मांगा जा रहा है। शासन को भी पूरी रिपोर्ट भेजी जाएगी।

डा. बलकार सिंह, जिलाधिकारी ने बताया कि ये मामला बहुत गंभीर है। किसी भी हाल में दोषियों को छोड़ा नहीं जाएगा। जवां और कस्तली गांव में इस तरह की घटना से पहले जिला प्रशासन और पुलिस को सूचना नहीं मिली है जिससे वहां पर तैनात कर्मियों की ड्यूटी की गंभीरता पर भी सवाल उठा है। वह भी बख्शे नहीं जाएंगे।

जे रविंदर गौड़ एसएसपी ने कहा कि घटना बेहद गंभीर है। इस मामले में जवां में क्राइम ब्रांच के साथ-साथ इंस्पेक्टर सिविल लाइंस को अलग से लगाया गया है। सभी बिंदुओं पर गंभीरता से जांच कराई जा रही है।

आरोपियों पर गैंगस्टर व एनएसए तक की कार्रवाई निश्चित तौर पर होगी। यह मीट निश्चित तौर पर किसी बड़े तस्कर गैंग को सप्लाई किया जा रहा था। इसमें और भी लोग शामिल हो सकते हैं। उनको भी खोजा जा रहा है। पब्लिक ने जो डैमेज किया है। उस पर भी कार्रवाई के लिए विचार होगा।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed