तेजोमहालय बनाम ताजमहल में सुप्रीम कोर्ट का आदेश दाखिल
तेजोमहालय बनाम ताजमहल मामले में आखिर केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश की वह कॉपी दाखिल कर दी जिसका इंतजार काफी समय से किया जा रहा था।
11 अगस्त 2005 के इस आदेश में कहा गया है कि स्थानीय अदालत को इस संबंध में सुनवाई करने का अधिकार नहीं है। इसे सरकार की ओर से अधिवक्ता विनोद कुमार ने दाखिल किया है।
गौरतलब है कि यूपी सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड ने 13 जुलाई 2005 को ताजमहल को वक्फ संपत्ति घोषित करने का आदेश पारित किया था। भारतीय पुरातत्व विभाग ने इस आदेश के विरुद्ध 11 अगस्त 2015 को सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी।
स्थानीय अदालत को नहीं है सुनवाई का अधिकार
इस पर सुप्रीम कोर्ट ने वक्फ बोर्ड के आदेश पर रोक लगाते हुए ताजमहल को भारत सरकार की संपत्ति घोषित कर दिया था। साथ ही कहा था कि स्थानीय अदालत को इस संबंध में सुनवाई करने का अधिकार नहीं है।
इसके बाद आगरा कोर्ट में इसी संबंध में तेजोमहालय बनाम ताजमहल वाद दायर किया गया। इसी में भारत सराकर ने जवाब दिया है। वादी पक्ष के अधिवक्ता अभिषेक सिंह ने जवाब देने के लिए समय मांगा है।
सिविल जज सीनियर डिवीजन तृतीय अभिषेक सिंह ने अगली सुनवाई के लिए 15 मार्च की तारीख मुकरर्रर की है।