कांठ बवाल: पुलिस ने कसा बीजेपी नेताओं पर शिकंजा
कांठ बवाल की तफ्तीश के बाद पुलिस ने केस डायरी में दावा किया है कि चार जुलाई को कांठ में हिंसक भीड़ का नेतृत्व भाजपा के महानगर अध्यक्ष रितेश गुप्ता कर रहे थे।
पुलिस ने उन पर भीड़ को उकसाने और कानून व्यवस्था को ध्वस्त करने जैसे संगीन आरोप लगाए हैं। केस डायरी में सबसे ज्यादा आठ लोगों के बयान महानगर अध्यक्ष के खिलाफ दर्ज किए गए हैं। इनमें से तीन पब्लिक और पांच पुलिस के कांस्टेबिल हैं।
खास बात यह है कि बवाल वाले दिन सुबह से ही महानगर अध्यक्ष समेत बाकी भाजपाइयों को पुलिस ने कंपनी बाग से गिरफ्तार कर दिनभर पुलिस लाइन में बैठाए रखा था।
कांठ बवाल में भाजपा के क्षेत्रीय अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह, महानगर अध्यक्ष रितेश गुप्ता समेत बीस और नेताओं के नाम केस में खोले जा चुके हैं। कई और नाम खोलने की तैयारी है।
बीजेपी महानगर अध्यक्ष कर रहे थे नेतृत्व
पुलिस ने केस डायरी में भाजपा नेताओं की मजबूती से घेराबंदी शुरू कर दी है। बयानों में भाजपा नेताओं को कसकर उलझाया जा रहा है। लेकिन इस खेल में खुद पुलिस भी उलझ गई है।
पुलिस जिन नेताओं को केस डायरी में कांठ बवाल के वक्त मौके पर दर्शाकर बवाल का अगुवा चाहती है वो उस वक्त पुलिस लाइन में पुलिस की ही हिरासत में थे। पुलिस ने भाजपा महानगर अध्यक्ष को बवाल के वक्त मौके पर कांठ में दर्शाया है।
भूपेंद्र सिंह और 18 अन्य भाजपाइयों को भी बवाल में मौजूद दर्शाया गया है। जबकि ये सभी बवाल वाले दिन सुबह नौ बजे से शाम को चार बजे तक पुलिस हिरासत में पुलिस लाइन में थे। इन सभी को कंपनी बाग से गिरफ्तार किया गया था।