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अलीगढ़ से राहुल के लिए आई राहत भरी खबर

ब्यूरो/अमर उजाला, अलीगढ़ Updated Thu, 02 Apr 2015 12:56 PM IST
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Case against Rahul Rejected by the sessions court in Aligarh.

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कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के बयानों पर आपत्ति जताकर खुद को चर्चा में लाने वाले एक शख्स को अदालत से झटका लगा है। राहुल गांधी को कानूनी पचड़े में फंसाने का प्रयास करने वाले इस शख्स को दूसरी बार धक्का लगा है। पहले मजिस्ट्रेट और अब सत्र न्यायालय ने उसकी याचिका को सिरे से खारिज कर दिया है।
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अलीगढ़ निवासी सुबोध कुमार का कहना था कि गत वर्ष दिल्ली में हुए कांग्रेस अधिवेशन में राहुल गांधी ने आपत्तिजनक बयान दिए थे। उससे लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंची है।


सुबोध का कहना था कि राहुल पर भारतीय दंड संहिता की धारा-295ए, 298, 153ए और 502(2) के तहत मुकदमा चलना चाहिए लेकिन अदालत ने कहा कि जहां तक धारा-295ए, 153ए और 502(2) की बात है उसके लिए सीआरपीसी की धारा-196 के तहत ऐसे मामले में अभियोग चलाने के लिए केंद्र या राज्य सरकार या जिलाधिकारी से मंजूरी अनिवार्य है।

लेकिन इस मामले में ऐसी मंजूरी नहीं ली गई है। अदालत ने पाया कि शिकायतकर्ता जिस आपत्तिजनक बयान की बात कर रहा है, वह उस वक्त मौके पर मौजूद नहीं था। उसने मीडिया में आई खबरों का हवाला देकर शिकायत की है।

इससे पहले मजिस्ट्रेट ने भी सुबोध कुमार की याचिका खारिज कर दी थी। वहीं राहुल गांधी की ओर से पेश वकील केसी मित्तल ने अदालत के समक्ष कहा कि याचिका राजनीति से प्रेरित होकर दाखिल गई है। मित्तल ने कहा कि राजनीतिक हस्ती के सहारे सस्ती लोकप्रियता हासिल करने के लिए इस शख्स ने अदालत का वक्त जाया किया है।

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