'भगवान राम-लक्ष्मण पर केस दर्ज कराने वाले पर हो सख्त कार्रवाई'
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सदर सांसद महंत योगी आदित्यनाथ ने बिहार के सीतामढ़ी में भगवान श्रीराम और लक्ष्मण के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने पर नाराजगी जाहिर की है। उन्होंने कहा कि यह विकृत मानसिकता वाले लोगों की सस्ती लोकप्रियता हासिल की शरारतपूर्ण चेष्ठा है।
रविवार को बिहार के सीतामढ़ी में अधिवक्ता ठाकुर चंदन कुमार सिंह की ओर से भगवान राम और लक्ष्मण के खिलाफ धारा 363/ 34 के तहत अभियोग पंजीकृत कराने पर महंत आदित्यनाथ ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की।
उन्होंने कहा कि यह न्यायालय के कार्य को बाधित करते हुए आमजन को न्याय से वंचित करने की कुत्सित चेष्टा भी हैं। इस प्रकार के लोगों को भारी जुर्माना लगाने के अलावा सख्त सजा भी दी जानी चाहिए।
'सीता जी को जंगल भेजकर किया अन्याय'
जो लोग शास्त्रों के वास्तविक मर्म की नहीं समझते हैं, वे इस प्रकार की अनावश्यक बातों पर समय बर्बाद करते हैं। न्यायालय आमजन को न्याय देने के लिए बनाई गई है। इस प्रकार की फिजूल की बातों के लिए नहीं।
बिहार के सीतामढ़ी में अधिवक्ता ठाकुर चंदन कुमार सिंह ने भगवान राम और लक्ष्मण के खिलाफ धारा 363/ 34 के तहत अभियोग पंजीकृत कराया है। आरोप लगाया है कि भगवान श्रीराम ने सीता जी को जंगल में भेजकर अन्याय किया है।
एक पति द्वारा पत्नी को जंगल में भेजने के पहले उसे यह सोचना चाहिए था वह इतने घने और आच्छादित जंगलों में कैसे रहेगी, जबकि वहां जंगली जानवरों का भी डर है। उन्होंने अन्य धाराओं के लिए न्यायालय से मार्गदर्शन भी मांगा है।