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नहीं रहे प्रख्यात कार्टूनिस्ट सुधीर तैलंग

Sat, 06 Feb 2016 09:43 PM IST
Updated Sat, 06 Feb 2016 09:43 PM IST
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cartoonist sudhir tailang passes away

समकालीन भारतीय राजनीति को अपने ब्रश से हास्य का रंग देने वाले और 2004 में पद्म श्री से सम्मानित प्रख्यात कार्टूनिस्ट सुधीर तैलंग का शनिवार को निधन हो गया। 26 फरवरी को वह 56 साल के हो जाते। साल 2014 से उनका ब्रेन कैंसर का इलाज चल रहा था। उन्होंने दिल्ली के मयूर विहार स्थित अपने घर पर अंतिम सांस ली।

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उनके परिवार में उनकी पत्नी और उनकी एक बेटी हैं। तैलंग बीमार होने के बावजूद हाल ही में अमर उजाला के मिस नॉर्थ इंडिया कंटेस्ट में बतौर जज शामिल हुए थे। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला सहित कई राजनेताओं ने उनके निधन पर शोक प्रकट किया है।
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हिंदुस्तान टाइम्स, द इंडियन एक्सप्रेस और टाइम्स ऑफ इंडिया सहित कई अखबारों में काम कर चुके तैलंग को दिसंबर में मेदांता मेडिसिटी में भर्ती कराया गया था और लगभग एक महीने पहले ही उन्हें घर लाया गया था। इंदिरा गांधी, राजीव गांधी, अटल बिहारी वाजपेयी, पीवी नरसिंह राव, मनमोहन सिंह और नरेंद्र मोदी सहित विभिन्न राजनेताओं पर तैलंग ने कार्टून बनाए। 1982 में उन्होंने अपनी पहली नौकरी मुंबई में इलस्ट्रेटेड विकली ऑफ इंडिया के साथ शुरू की थी।
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‘ट्यूमर के साथ निकल गए होंगे कई तीखे प्रहार’

cartoonist sudhir tailang passes away

तैलंग की बेटी अदिति ने कहा कि साल 2014 से वह बहादुरी के साथ कैंसर से लड़ रहे थे। हालांकि, पिछली दिवाली के बाद उनकी तबियत ज्यादा खराब हो गई और उन्हें मेदांता अस्पताल में भर्ती करवाया गया। जनवरी मध्य में जब डॉक्टरों ने कहा कि वे अब कुछ खास नहीं कर सकते तो हम उन्हें घर ले आए। शनिवार को दोपहर एक बजे उनका निधन हो गया।

साइबर सिटी के आरके लक्ष्मण के नाम से मशहूर कार्टूनिस्ट शेखर गुरेरा ने सुधीर तैलंग के निधन को कार्टून जगत के लिए भारी क्षति बताया और मीडिया में कार्टूनिस्ट के घटते महत्व पर चिंता जताई। उन्होंने बताया कि 16 नवंबर 2015 को राष्ट्रपति भवन में आयोजित एक कार्यक्रम में मिले थे, तब उनसे हंसी मजाक में कहा था कि डॉक्टर ने ब्रेन ट्यूमर निकाल दिया।

उसके साथ ही कई तीखे प्रहार भी निकल गए होंगे। शेखर गुरेरा ने कहा कि तैलंग ने लीक से हटकर अलग स्टाइल में तीखा व्यंग्य किया था, जो आम लोगों को अपील करती थी।

दस साल की उम्र में बनाया था पहला कार्टून

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राजस्थान के बीकानेर में 26 फरवरी 1960 को जन्में तैलंग का पहला कार्टून अखबार में 1970 में प्रकाशित हुआ था।  बचपन में तैलंग को टिनटिन फैंटम और ब्लॉन्डी जैसे कार्टून काफी पसंद थे और माना जाता है कि इसी से उत्साहित होकर उन्होंने कार्टून बनाना शुरू किया।

सुधीर तैलंग राजनीतिक, सामाजिक और समसामयिक घटनाओं पर अपने कार्टून प्रकाशित किए। तैलंग की ‘नो, प्राइम मिनिस्टर’ शीर्षक वाली कार्टून्स की एक किताब काफी प्रसिद्ध रही, जिसमें पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से जुड़े कार्टून्स की श्रृंखला थी।

वर्ष 1983 में वे नवभारत टाइम्स के साथ बतौर कार्टूनिस्ट जुड़े और उसके बाद लगभग डेढ़ दशक तक एचटी से जुड़े रहे। वह इंडियन एक्सप्रेस और अंत में एशियन एज के साथ भी जुड़े रहे। (कार्टूनिस्ट शंकर पिल्लई के साथ सुधीर तैलंग) सभी तस्वीरें से @sudhirtailang साभार

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