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समाज का आइना हैं कार्टूनिस्ट: राष्ट्रपति
नई दिल्ली/एजेंसी
Updated Mon, 29 Oct 2012 09:06 PM IST
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कार्टूनिस्ट को समाज का आइना बताते हुए राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने सलाह दी है कि देश को ‘नेहरू युग’ में लौटना चाहिए और आलोचनाओं का स्वागत करना सीखना चाहिए। मशहूर कार्टूनिस्ट पीकेएस कुट्टी को श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए राष्ट्रपति भवन में आयोजित एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा, ‘कार्टूनिस्ट के हाथ में हमारे समाज का दर्पण है, जो हमें एक देश के रूप में खुद को देखने में मदद करता है।'
उन्होंने कहा, 'हमें एक देश के रूप में नेहरू युग में लौटना चाहिए और ऐसी मानसिकता विकसित करनी चाहिए, जो आलोचनाओं को सकारात्मक ढंग से ले सके। जहां टिप्पणी करने की स्वतंत्रता हो, लेकिन तथ्यों को भी उचित स्थान मिले।’
कुट्टी का निधन 90 साल की उम्र में पिछले साल 22 अक्तूबर को अमेरिका में हुआ था। राष्ट्रपति ने कहा, ‘कुट्टी ने हमारे देश की संस्कृति और राजनीतिक इतिहास में सराहनीय योगदान दिया है। वह केरल के थे, दिल्ली में रहते थे और बंगाली अखबार के लिए कार्टून बनाते थे। वह सही मायने में भारतीय थे। उनका जीवन और काम भाषा और राज्यों की सीमाओं में नहीं बंधा।’
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उन्होंने कहा, 'हमें एक देश के रूप में नेहरू युग में लौटना चाहिए और ऐसी मानसिकता विकसित करनी चाहिए, जो आलोचनाओं को सकारात्मक ढंग से ले सके। जहां टिप्पणी करने की स्वतंत्रता हो, लेकिन तथ्यों को भी उचित स्थान मिले।’
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कुट्टी का निधन 90 साल की उम्र में पिछले साल 22 अक्तूबर को अमेरिका में हुआ था। राष्ट्रपति ने कहा, ‘कुट्टी ने हमारे देश की संस्कृति और राजनीतिक इतिहास में सराहनीय योगदान दिया है। वह केरल के थे, दिल्ली में रहते थे और बंगाली अखबार के लिए कार्टून बनाते थे। वह सही मायने में भारतीय थे। उनका जीवन और काम भाषा और राज्यों की सीमाओं में नहीं बंधा।’
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