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ट्रेन में संभालकर रखें पानी की बोतल वर्ना...!

Fri, 02 Jan 2015 09:01 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, गोरखपुर
ब्यूरो/अमर उजाला, गोरखपुर Updated Fri, 02 Jan 2015 09:01 PM IST
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Zeher khurani in Trains - Keep your water bottles safe to avoid being a victim of Zeher Khurani

ट्रेन में सफर के दौरान आप अपनी पानी की बोतल को संभाल कर रखें वर्ना आप जहरखुरानी का शिकार हो सकते हैं। ट्रेनों में सक्रिय जहखुरानी गिरोह के सदस्य यात्रियों के सोने के बाद उनकी पानी की बोतल में नशीला पाउडर मिला देते हैं, जिसके पीने के बाद यात्री बेसुध हो जाता है और जहखुरान उनका सामान लेकर फरार हो जाते हैं। यह चौंकाने वाली जानकारी बृहस्पतिवार को पकड़े गए गिरोह के एक बदमाश ने जीआरपी को दी।

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उसने बताया कि गिरोह के सदस्य एसी के साथ ही स्लीपर का टिकट लेकर सफर करते हैं। रात में यात्रियों के सोने के बाद उनके पानी की बोतल, खाने के सामान में नशीला पाउडर मिला देते हैं। इस गिरोह में महिलाएं भी शामिल हैं।
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सीवान, गोरखपुर, लखनऊ और दिल्ली के बीच सक्रिय जहरखुरान गिरोह के बदमाश को गोरखपुर जीआरपी ने बृहस्पतिवार को गिरफ्तार किया। उसकी पहचान सीवान के जीबी नगर निवासी संतोष कलवार के रूप में हुई। उसके कब्जे से जीआरपी ने चोरी की जीप के साथ ही करीब पांच लाख रुपये के सामान बरामद किए हैं। गोरखपुर में उसने जहरखुरानी की तीन घटनाओं को अंजाम दिया था। आरोपी के कब्जे से मिली जीप पर ओडिसा के एक स्कूटर का नंबर लगा था।

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टिकट लेकर चलते हैं जहरखुरान

Zeher khurani in Trains - Keep your water bottles safe to avoid being a victim of Zeher Khurani

जीआरपी थाने में प्रभारी एसपी नम्रिता श्रीवास्तव ने घटना का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि इस गिरोह ने गोरखपुर-सीवान, गोरखपुर-मुजफ्फरपुर पैसेंजर ट्रेन, पूर्वांचल एक्सप्रेस में जहरखुरानी की तीन घटनाओं को अंजाम दिया था। इंस्पेक्टर गिरजाशंकर त्रिपाठी ने मुखबिर की सूचना पर आरोपी को रेलवे स्टेशन के सर्कुलेटिंग एरिया से गिरफ्तार किया। इसके पास से 21 हजार रुपये, तीन ट्रॉली बैग, पांच बैग, 14 मोबाइल फोन और 200 ग्राम नशीला पाउडर बरामद हुआ।

पूछताछ में संतोष ने बताया कि वह जहरखुरानी की 20 से अधिक घटनाओं को अंजाम दे चुका है। गिरोह में उसके अलावा तीन महिलाएं और दो पुरुष साथी हैं। जीआरपी की टीम कुशीनगर के रहने वाले इस गिरोह के फरार सदस्यों की तलाश कर रही है।

जीआरपी, आरपीएफ को कहते थे मक्खी
जहरखुरान गिरोह के सदस्य जीआरपी, आरपीएफ को मक्खी कहते हैं। एस्कॉर्ट के सिपाहियों की सक्रिय होने पर साथियों को भी फोन कर सचेत करने के साथ ही दूसरे कोच में वारदात को अंजाम देते थे। टिकट लेकर यात्रा करने वाले गिरोह के सदस्य जहरखुरानी के बाद दूसरे कोच में मौजूद साथियों को फोन से बुलाते हैं। सामान लेकर वही उतरते थे। वारदात के समय पूरा गिरोह एक ही ट्रेन में होता है।

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