{"_id":"440153ac-384e-11e2-9941-d4ae52bc57c2","slug":"cancer-patients-will-get-relief-in-radiotherapy","type":"story","status":"publish","title_hn":"अब कैंसर रोगियों को रेडियोथेरेपी में मिलेगी राहत ","category":{"title":"India News Archives","title_hn":"इंडिया न्यूज़ आर्काइव","slug":"india-news-archives"}}
अब कैंसर रोगियों को रेडियोथेरेपी में मिलेगी राहत
इलाहाबाद/ब्यूरो
Updated Tue, 27 Nov 2012 10:24 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कैंसर रोगियों के लिए थोड़ी राहत देने वाली खबर है। कैंसर के इलाज के दौरान रेडियोथेरेपी के साइड इफेक्ट से बचाने के लिए भारत सरकार के रक्षा अनुसंधान विकास संगठन (डीआरडीओ) ने एक नई दवा ‘टू डी आक्सी डी ग्लूकोस’ की खोज की है। डीआरडीओ का दावा है कि नई दवा के माध्यम से कैंसर के इलाज के समय रेडियोथेरेपी से होने वाले नुकसान को कम किया जा सकेगा।
विज्ञापन
डीआरडीओ के मुख्य नियंत्रक अनुसंधान विकास डॉ. डब्ल्यू सेल्वामूर्ति ने बताया कि इस दवा के जरिए रेडियोथेरेपी के दौरान क्षतिग्रस्त होने वाली कोशिकाओं को बचाया जा सकेगा। उन्होंने बताया कि परीक्षण के बाद डीआरडीओ ने इस दवा को तैयार करने की जिम्मेदारी हैदराबाद के डॉ. रेड्डी लैबोरेटरी को सौंपी है। इस दवा को मंजूरी के लिए प्रस्ताव इंस्टीट्यूट ऑफ न्यूक्लियर मेडिसिन एंड एलाइड साइंस (इनमास) के पास भेजा गया है।
विज्ञापन
डॉ. सेल्वामूर्ति नेहरू ग्राम भारती विश्वविद्यालय की ओर से यहां कैंसर विषय पर आयोजित सेमिनार में भाग लेने आए थे। उन्होंने बताया कि कैंसर से पीड़ित व्यक्ति को इलाज के दौरान सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ता है। कैंसर सेल को नष्ट करने के लिए की जाने वाली रेडियोथेरेपी से शरीर की रक्षा करने वाली कोशिकाएं नष्ट हो जाती हैं। ऐसे में इस क्षति से बचाने के लिए डीआरडीओ ने ‘टू डी आक्सी डी ग्लूकोस’ दवा तैयार की है। इस दवा को रोगी को पहले दे देने से रेडियोथेरेपी की क्षति को कम किया जा सकेगा। इस दौरान रोगी को कम थेरेपी देने पर भी कैंसर सेल को नष्ट किया जा सकेगा।
विज्ञापन
डॉ. सेल्वामूर्ति स्तन कैंसर से पीड़ित महिलाओं और उनके परिवार को इलाज के बाद मनोवैज्ञानिक तरीके से किस प्रकार से प्रेरित किया जाए, इस पर काम कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि इसके लिए रोगी एवं उसके परिवार वालों की काउंसिलिंग की तैयारी है।
त्रिफला एवं तुलसी से भी कैंसर से बचाव
नेहरू ग्राम भारती विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. केपी मिश्र ने बताया कि उन्होंने त्रिफला और तुलसी से कैंसर के इलाज में सफलता पाई है। यह प्रयोग अभी प्रारंभिक दौर में है।