शिक्षकों के बिना शिक्षा की कल्पना भी नहीं की जा सकती: सुप्रीम कोर्ट
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स्कूलों में शिक्षकों की कमी को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने कड़ी टिप्पणी की है। कोर्ट ने कहा, ‘शिक्षक के बिना शिक्षा की कल्पना नहीं की जा सकती। ये उसी तरह है, जैसे बिना ऑक्सीजन वाले वातावरण में जीवन पनपना।’ तेलंगाना के दूरदराज के गांवों में स्कूलों में शिक्षकों की कमी पर अदालत ने यह कटाक्ष किया। सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार को अगले तीन हफ्तों के भीतर शिक्षकों की भर्ती करने का निर्देश दिया है।
न्यायाधीश दीपक मिश्रा और पीसी पंत ने तेलंगाना सरकार को फटकार लगाते हुए कहा कि शिक्षक के बिना शिक्षा विलुप्त हो जाएगी। अदालत ने यह टिप्पणी तेलंगाना सरकार द्वारा दिए गए हलफनामे पर की। इस हलफनामे में बताया गया है कि राज्य के दूरदराज के कई ऐसे गांव हैं, जहां के स्कूलों में शिक्षक नहीं हैं। क्योंकि सभी शिक्षक शहरी भागों में अथवा अच्छी संचार व्यवस्था वाले गांवों में ही पढ़ाना चाहते हैं।
कोर्ट ने दिए निर्देश
सुप्रीम कोर्ट ने प्राथमिक शिक्षा सचिव को तीन हफ्तों के अंदर शिक्षकों की भर्ती शुरू करने और कोर्ट को हलफनामे के जरिये इसकी जानकारी देने का निर्देश दिया है। राज्य सरकार ने यह हलफनामा उस याचिका की सुनवाई के दौरान दिया था, जिसमें राज्य के स्कूलों में बेहतर शौचालय और पेयजल की व्यवस्था मुहैया करने के लिए निर्देश देने की मांग की गई थी।
गौरतलब है कि हाल के दिनों में देश के कई राज्यों में अध्यापकों की कमी की बात सामने आती रही है ऐेसे में तेलंगाना सरकार को सुप्रीम कोर्ट से मिले निर्देशों के बाद कई अन्य राज्य भी इस अध्यापकों की कमी को दूर करने के लिए विचार कर सकते हैं।