फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   can not forget the accident of makkah maszid

मस्जिद में छत से उतरी थी मौत, खौफनाक मंजर नहीं भूल पा रहे चश्मदीद

Sun, 13 Sep 2015 09:01 AM IST
Updated Sun, 13 Sep 2015 09:01 AM IST
विज्ञापन
can not forget the accident of makkah maszid

मक्का में हुए दर्दनाक हादसे ने सभी को हिलाकर रख दिया है। एक ही झटके में दर्जनों जिंदगियां मौत में बदल गईं। वहीं हादसे के चश्मदीद उस मंजर को नहीं भूल पा रहे हैं।

विज्ञापन


अलीगढ़ से हज करने पहुंचे लोगों ने बताया कि मक्का की आबिद अलहरम मस्जिद में आंधी के दौरान क्रेन छत पर गिरी और छत को कपडे़ की तरह फाड़ते हुए नीचे आ गई।

दिखाई देने लगे खून के छींटे : आबिद हुसैन

बॉम्बे मॉर्केंडाइल बैंक में मैनेजर आबिद हुसैन शौकत मंजिल, दोदपुर के रहने वाले हैं। अपने परिवार के साथ हज पर गए हुए हैं। हादसे के वक्त आबिद अलहरम मस्जिद में ही मौजूद थे।
विज्ञापन


आबिद हुसैन ने बताया कि असर की नमाज पढ़ने के बाद तवाफ की रस्म में शामिल हुए। अचानक से मौसम खराब होने लगा। धूल भरी आंधी शुरू हो गई। बिजली चमकने लगी। इसी के साथ बारिश भी शुरू हो गई।
विज्ञापन
विज्ञापन


अल्लाह से रहम की दुआ पढ़ी जाने लगी। लोग कुछ समझ पाते इससे पहले अंधेरा छाने लगा। इसी दौरान तेज धमका हुआ। लोहे की एक बड़ी वस्तु (क्रेन) छत को कपड़े की तरह से फाड़ती हुई अलहरम शरीफ में आ गिरी।

चीख-पुकार मच गई। लोग यहां-वहां भागने लगे। कुछ ही पल में खून के छींटे दिखाई देने लगे। लोग घायलों को लेकर अस्पताल की ओर दौड़ने लगे। तुरंत ही हम अपने कमरे में आ गए और भारत में फोन पर अपने खैरियत से होने की इत्तला दे दी।

चंद मिनट में मौत से दूर हो गईं अरसला

can not forget the accident of makkah maszid

प्राथमिक विद्यालय धौर्रा माफी की शिक्षिका अरसला भी हज पर गई हैं। शुक्रवार की देर रात अरसला से उनकी मां की बात हो पाई। बेटी की खैरियत जानने के बाद ही सर सैय्यद नगर निवासी अरसला की मां फखरूनिसा की जान में जान आई।

उन्होंने बताया कि हादसे से कुछ देर पहले ही अरसला ने अलहरम शरीफ में असर की नमाज पढ़ी थी। लेकिन नमाज के बाद ही मौसम तेजी के साथ खराब होना शुरू हो गया था। धूल भरी आंधी, बिजली का चमकना और तेज बारिश के चलते अरसला पास में ही अपने कमरे में चली गईं।

कमरे तक पहुंचने का चंद मिनट का फासला ही मौत से दूर ले गया। कमरे तक पहुंचने की देरी थी कि धड़ाम से क्रेन गिर पड़ी और हाहाकार मच गया।

मक्का में हुए हादसे की खबर ने हिला दिया : यूसुफ

सऊदी अरब के यांबू शहर में रह रहे मूलत: अलीगढ़ के सिविल लाइंस इलाका निवासी मो. यूसुफ खान ने बताया कि शुक्रवार को जैसे ही हादसे की जानकारी मिली तो नींद उड़ गई।

अलीगढ़ के लोगों की जानकारी लेते रहे। हादसे में काफी लोगों के मारे जाने और घायल होने की जानकारी मिली। भारत के भी कुछ लोगों के घायल होने की जानकारी मिली थी लेकिन उनमें अलीगढ़ का कोई नहीं था।

यूसुफ ने बताया कि बहुत से लोग अभी मदीना में हैं जो मक्का से करीब काफी दूर है। हज शुरू होने से पहले ही वे लोग मक्का पहुंच जाएंगे।

मस्जिद और घरों में हुई मगफिरत की दुआ

can not forget the accident of makkah maszid

मक्का में हुए हादसे के बाद शहर में जगह-जगह मगफिरत की दुआ हुई। मस्जिद, मदरसे और घरों में दुआ की गई। शनिवार को जौहर की नमाज के बाद जामा मस्जिद ऊपरकोट में दुआ हुई।

समाजसेवी गुलजार अहमद ने बताया कि शहर मुफ्ती खालिद हमीद ने दुआ कराई। हादसे में मारे गए लोगों की मगफिरत और घायलों की जल्द से जल्द सलामती की दुआ की गई।

मदरसा तामीर-ए-मिल्लत, दोदपुर में मुफ्ती ओसामा, मदरसा अल एहरार में मौलाना कलीमउद्दीन, मदरसातुल उलूम इस्लामिया में डॉ मौलाना तारीक आयुबी ने दुआ कराई। वहीं उर्दू टीचर एसोसिएशन की ओर से भी घायलों की सलामती के लिए दुआ हुई। अध्यक्ष मुहम्मद अहमद ने दुआ कराई।

एएमयू के डॉक्टर कर रहे घायलों का इलाज

can not forget the accident of makkah maszid

एएमयू के जेएन मेडिकल कॉलेज के एनाटमी विभाग के डॉक्टर फजलुर्रहमान इस साल हज मिशन पर गए हैं। उनकी तैनाती मक्का शहर में की गई है।

वह क्रेन हादसे के चश्मदीद हैं, इस वक्त एक कैंप में घायलों को इलाज करने में मसरूफ हैं। शनिवार को फोन पर हुई बातचीत में डॉक्टर फजलुर्रहमान ने बताया कि हादसे के वक्त भगदड़ मच गई।

लोगों को समझ में नहीं आ रहा था क्या किया जाए। तुरंत हज डेपूटेशन पर गए सभी लोग बचाव कार्य में जुट गए। उस वक्त का मंजर ऐसा था कि हर तरफ चीख पुकार थी। किसी की समझ में नहीं आ रहा था क्या करें।

उन्होंने बताया कि शनिवार को भी घायल लोगों के इलाज में पूरा दिन गुजर गया है। मक्का में मौजूद अलीगढ़ के सभी लोग सुरक्षित हैं। भारतीय लोगों के इलाज के लिए उनको तैनात किया गया है। कैंप में करीब 19 लोग घायल हैं, जबकि दो भारतीय लोगों की मौत की खबर है। घायलों में तीन लोग उत्तर प्रदेश के हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed