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ट्रेन की हवा से बनेगी बिजली! PMO को मिला आइडिया

Mon, 15 Sep 2014 01:47 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, दिल्ली
टीम डिजिटल/अमर उजाला, दिल्ली Updated Mon, 15 Sep 2014 01:47 PM IST
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can moving train generate power? pmo gets idea.

क्रिएटिव आइडियाज के जरिए बिजली उत्पादन और बढ़ती बिजली खपत की मांग को पूरा करने के लिए प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) को नया आइडिया मिला है। इस आइडिया पर काम करने के लिए पीएमओ ने रेल मंत्रालय को भेज दिया है।

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इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, रेल मंत्रालय अब आइडिया देने वाले शख्स के साथ तकनीकी विचार विमर्श में जुट गया है।

रिपोर्ट के अनुसार हवा से बिजली पैदा करने का आइडिया देने वाले ये शख्स गुजरात से हैं। इन्होंने एक पत्र के माध्यम से प्रधानमंत्री ऑफिस को हाल में अपना विचार भेजा था।
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शख्स ने अपने विचार प्रधानमंत्री को भेजे पत्र में लिखा था कि तेज गति से चलने वाली ट्रेनों के ट्रैकों में पवन चक्की लगाकर बिजली उत्पादन किया जा सकता है।

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आइडिया देने वाला कौन हैं यह शख्स?

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रिपोर्ट के अनुसार, रेल की हवा से बिजली बनाने का आइडिया देने वाले शख्स 81 वर्षीय विपिन त्रिवेदी हैं। विपिन त्रिवेदी अहमदाबाद में बैंक ऑफ बडोदा की कृषि और ग्रामीण विकास शाखा के पूर्व कर्मचारी हैं।

विपिन त्रिवेदी का कहना है कि एक दिन वह ट्रेन से यात्रा कर रहे थे, तभी उनके दिमाग में विचार आया कि ट्रेन से टकराने वाली तेज हवा से बिजली क्यों नहीं पैदा की जा सकती।

त्रिवेदी के अनुसार उन्होंने घर लौटकर इस विचार को लेकर अपने गुरुभाइयों से बात की। गुरुभाइयों में से एक नरेंद्र भाई मोदी के साथ पावर सेक्टर के लिए काम कर चुके थे और उन्होंने ही इस विचार को प्रधानमंत्री के अतिरिक्त सचिव को भेजा।

इस आइडिया से विजली उत्पादन संभव होगा?

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रिपोर्ट के अनुसार मंत्रालय के अधिकारियों ने ‌त्रिवेदी से बात कर बड़ी ही विनम्रता के साथ यह बताया कि इस आइडिया से बिजली उत्पादन संभव नहीं होगा क्योंकि पवनचक्की के पास से एक ट्रेन 20 सेकंड से भी कम में गुजर जाएगी।

ऐसे में यदि हर 15 मिनट के अंतराल में भी एक ट्रेन गुजरेगी तो एक दिन में पवन चक्की से केवल 25 मिनट की बिजली पैदा की जा सकती है। सा‌थ बिजली के लिए ट्रेन को गुजरने में अतिरिक्त उर्जा का भी लॉस होगा जो फायदे का सौदा साबित नहीं होगा।

हालांकि मंत्रालय त्रिवेदी से भविष्य में अन्य तकनीकी कामों पर विचार लेगा और यदि विचार कामयाब हुए तो उन्हें लागू भी किया जाएगा।

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