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विश्वविद्यालय में छात्राओं को भी मिलेगी मेटरनिटी लीव

Thu, 18 Jul 2013 12:18 PM IST
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क Updated Thu, 18 Jul 2013 12:18 PM IST
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calicut university will grants maternity leave to women students

कालीकट विश्वविद्यालय का फैसला उन महिलाओं के लिए राहत भरा है जिन्हें मां बनने के बाद मजबूरी में अपनी पढ़ाई छोड़नी पड़ती थी।

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विश्वविद्यालय के एक फैसले के मुताबिक पीजी कोर्स करने वाली छात्राएं मेटरनिटी लीव पर जाने के बाद भी पढ़ाई कर सकेंगी। वह एक साल के अंतराल के बाद भी कोर्स जारी रख सकेंगी।
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नए नियम के अनुसार गर्भवती छात्राओं को छुट्टी से आने के बाद सप्लीमेंट्री परीक्षा भी नहीं देनी होगी। उनकी परीक्षा को पहली परीक्षा ही माना जाएगा।

अब इससे महिलाओं को आगे पढ़ने में भी समस्याएं नहीं आएंगी। दावा किया जा रहा है कि यह नियम लागू करने वाला कालीकट पहला विश्वविद्यालय बन गया है।

यह नियम फिलहाल एमसीए कोर्स में ही लागू है लेकिन जल्द ही इसे एमबीबीएस, बीएचएमएस, बीडीएस और अन्य कोर्सेज में भी शामिल किए जाने की तैयारी है।

पिछले शैक्षणिक परिषद ने इस संबंध में फैसला लिया था लेकिन बुधवार को एमसीए पाठ्यक्रम नियमों, 2010 में बदलाव कर इसे लागू कर दिया गया है।

क्या होगा फायदा
विश्वविद्यालय की पुरानी व्यवस्था के अनुसार छात्रा के छुट्टी पर जाने के दौरान अगर वो परीक्षा नहीं दे पाती थी तो तो उसे परीक्षा में फेल माना जाता था। तब उसे पढ़ाई जारी रखने और परीक्षा देने की अनुमति थी लेकिन उसे सप्लीमेंट्री परीक्षा माना जाता था।
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यूनिवर्सिटी स्टूडेंट वेलफेयर डीन पीवी वालसराज कहते हैं अगर कोई छात्र या छात्रा सप्लीमेंट्री परीक्षा देते हैं तो उन्हें रैंक नहीं दी जाती।

इस कारण उन्हें पोस्ट ग्रेजुएशन कोर्स में प्रवेश मिलने भी कठिनाई आती है और कई मेधावी स्टूडेंट्स को उचित अवसर नहीं मिल पाते।

छात्राओं ने की थी मांग
वालसराज का कहना है कि कई शादीशुदा छात्राओं की ओर से गर्भधारण के दौरान कॉलेज में उपस्थित होने में असमर्थता जताई थी इसके बाद हमने उनकी सहुलियत के लिए यह कदम उठाया।

उन्होंने बताया कि कि यह निर्णय छात्र शिकायत निवारण सेल के दो साल के प्रयासों का नतीजा है। इससे महिलाओं को शिक्षा के क्षेत्र में समान अवसर दिया जा सकेगा।

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