ट्रस्ट के नाम पर देश को चूना लगा रही बड़ी कंपनियां!

अमर उजाला, दिल्ली Updated Thu, 21 Nov 2013 01:06 PM IST
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cag questions trusts over irregular tax exemptions

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भारतीय नियंत्रक और महालेखा परीक्षक (कैग) के एक ब्योरेवार ऑडिट में कुछ बड़ी कंपनियों को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है।
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इस रिपोर्ट में कहा गया है कि कारोबारी घरानों और खेल संस्थाओं के तहत चलने वाले ट्रस्ट का गलत इस्तेमाल उन्हें मिलने वाली टैक्स छूट को लेकर किया गया।
इनमें से कम से कम दो टाटा के ट्रस्ट हैं और कई राज्य क्रिकेट एसोसिएशन भी हैं। यह ऑडिट रिपोर्ट नए कैग एस के शर्मा के दस्तखत वाली पहली रिपोर्ट होगी और इसे शीतकालीन सत्र में संसद के पटल पर रखा जा सकता है।
इस बीच कैग ने वित्त मंत्रालय को पत्र लिखकर इसकी जानकारी दी है, जिसने आय कर विभाग को कार्रवाई शुरू करने के निर्देश दिए हैं।

रिपोर्ट में कहा गया है कि कुछ ट्रस्ट ने धर्मार्थ उद्देश्यों पर खर्च करने के बजाय बड़ी रकम निवेश की या फिर दूसरे ट्रस्ट को ट्रांसफर कर दीं।

कैग के मुताबिक जमशेतजी टाटा ट्रस्ट और नवजबाई रतन टाटा ट्रस्ट ने मिलकर 3000 करोड़ रुपए से ज्यादा रुपए ऐसे काम में निवेश किए, जिसे धर्मार्थ उद्देश्य वाला कतई नहीं माना जा सकता।

इस ऑडिट के बाद सरकार ने दोनों ट्रस्ट से 1000 करोड़ रुपए वसूलने की तैयारी कर ली है। सभी टाटा ट्रस्ट होल्डिंग कंपनी टाटा संस में 66 फीसदी हिस्सेदारी रखते हैं।

रिपोर्ट में महाराष्ट्र, सौराष्ट, बड़ौदा और केरल जैसे चार स्टेट क्रिकेट एसोसिएशन के बारे में भी सवाल उठाए हैं। उनके बारे में कहा गया है कि वे कमर्शियल गतिविधियों में शामिल रहे और अनियमित छूट का लाभ भी उठाया।
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