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किसानों की कर्ज माफी योजना में धांधली: कैग
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क
Updated Tue, 05 Mar 2013 05:09 PM IST
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यूपीए सरकार की बहुचर्चित 'किसान कर्ज माफी' योजना विवादों में घिरती नजर आ रही है। नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) ने 52 हजार करोड़ रुपये की इस योजना में भारी गड़बड़ियों का खुलासा किया है।
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कैग की रिपोर्ट में कहा गया है कि इस योजना में बड़े पैमाने पर पात्र किसानों को नजरअंदाज किया गया है। साथ ही बड़ी संख्या में ऐसे किसानों को योजना का लाभ दिया गया, जो इसके पात्र ही नहीं थे। योजना में बड़े स्तर पर नियमों का भी उल्लंघन किया गया। गौरतलब है कि सरकार ने 2008 में 'किसान कर्ज माफी' योजना का ऐलान किया था। योजना के अंतर्गत किसानों की कर्ज माफी के लिए 52 हजार करोड़ रुपये दिए गए थे।
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मंगलवार को संसद में पेश की गई कैग की रिपोर्ट में बताया गया कि लेखा परीक्षा जांच में नौ राज्यों के 9,334 खातों में से 1,257 यानि 13.46 प्रतिशत खाते वे थे, जो कि योजना के तहत लाभ के पात्र थे, लेकिन जिनको कर्जदात्री संस्थाओं द्वारा पात्र किसानों की सूची तैयार करते समय शामिल नहीं किया गया। जिन 80,277 खातों को फायदा मिला, उनमें 8.5 फीसदी इसके लायक नहीं थे। 20.50 करोड़ रुपये ऐसे लोगों को मिले, जो इसके योग्य नहीं थे।
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रिपोर्ट के मुताबिक एक निजी बैंक को नियमों के विरुद्ध 164.40 करोड़ रुपये मिले। 2,824 मामलों में रिकॉर्डों से छेड़छाड़ के सबूत हैं। योजना की निगरानी भी खामियों से भरपूर पाई गई। वहीं, 34 फीसदी मामलों में किसानों को कर्ज माफी का सर्टिफिकेट नहीं मिला। भाजपा नेता प्रकाश जावड़ेकर ने इस पूरे मामले की जांच की मांग की है।