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मकान खरीदने वालों को बेवकूफ नहीं बना पाएंगे बिल्डर
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क
Updated Wed, 05 Jun 2013 12:16 PM IST
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बिल्डर और डेवलपर के झूठे वादों और बहानों से परेशान रहने वाले लोगों के लिए अच्छी खबर है, क्योंकि सरकार को आखिरकार मकान खरीदने वालों की सुध लेने का वक्त मिल गया।
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कैबिनेट ने मंगलवार शाम लंबे वक्त से लंबित रियल एस्टेट रेगुलेटर बनाने से जुड़े कानून को हरी झंडी दे दी, ताकि मकान खरीदने वालों को संदिग्ध डेवलपरों और बिल्डरों से बचाया जा सके।
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अब हर राज्य में एक रियल एस्टेट रेगुलेटर गठित किया जाएगा, जो यह सुनिश्चित करेगा कि बिकने से पहले सभी जरूरी मंजूरियां लेकर रियल्टी प्रोजेक्ट का रजिस्ट्रेशन कराना होगा।
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कमर्शियल रियल एस्टेट को इस कानून के दायरे से बाहर रखा गया है, लेकिन रेजिडेंशियल प्रोजेक्ट इसके तहत आएंगे। इस कानून के तहत बिल्डरों को स्पष्ट रूप से बताना होगा कि मकान का कारपेट एरिया कितना है और उन्हें अब सुपर एरिया के आधार पर फ्लैट बेचने की इजाजत नहीं मिलेगी।
प्रोजेक्ट के विज्ञापनों में भी कोई घालमेल नहीं किया जा सकेगा। डेवलपरों को विज्ञापन में असल प्रोजेक्ट की तस्वीरें दिखानी होंगी। इसके अलावा किसी खास प्रोजेक्ट के लिए मिले पैसे का 70 फीसदी अंश उसे अलग बैंक खाते में रखना होगा, जिससे निर्माण का खर्च पूरा होगा।