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अफगानिस्तान में विकास के लिए 500 करोड़ मंजूर

Thu, 08 Nov 2012 11:46 PM IST
नई दिल्ली/ब्यूरो
नई दिल्ली/ब्यूरो Updated Thu, 08 Nov 2012 11:46 PM IST
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Cabinet okays Rs 500 crore aid for afghanistan

अफगानिस्तान के पुनर्निर्माण में भारत आगे भी अहम भूमिका निभाता रहेगा। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बृहस्पतिवार को अफगानिस्तान में विकास कार्यों के लिए 500 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता को मंजूरी दे दी है।

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यह परियोजनाएं विकास के तीसरे चरण के दौरान पूरी की जाएंगी। इसके तहत अफगानिस्तान में खेती, शिक्षा, स्वास्थ्य, परिवहन, संचार और महिला सशक्तिकरण से संबंधित विभिन्न योजनाओं को 34 प्रांतों में चलाया जाएगा।
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बताया जा रहा है कि इन लघु विकास परियोजनाओं से स्थानीय लोगों को प्रत्यक्ष रूप से लाभ होगा। इनसे उन्हें जीविकोपार्जन के साधन उपलब्ध होंगे और पर्यावरण संरक्षण, संस्कृति की रक्षा, महिलाओं के सशक्तिकरण के साथ शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं में बेहतरी आएगी।
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परियोजनाओं के चलते खेती और कृषि आधारित उद्योगों, नवीकरण ऊर्जा, व्यापार और परिवहन और संचार क्षेत्रों का विकास होगा। जाहिर है कि पहले के दो चरणों के दौरान लघु विकास परियोजनाएं लागू की गई थीं। पहले चरण के तहत जुलाई 2006 में 50 परियोजनाएं कार्यान्वित की गई।

जिन पर 1.12 करोड़ डॉलर से लागत आई। दूसरा चरण जून 2008 से शुरू हुआ, जिसके अंतर्गत 85 लाख डॉलर से अधिक परिव्यय वाली 51 परियोजनाएं लागू की गईं। दोनों चरणों की अधिकांश परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं।

यूएसओएफ योजनाओं के वित्त पोषण में बदलाव को मंजूरी
कैबिनेट ने शाश्वत सेवा दायित्व कोष (यूनिवर्सल सर्विस ओब्लिगेशन फंड) योजनाओं के वित्त पोषण में परिवर्तन के प्रस्ताव का भी अनुमोदन कर दिया है। अब इन स्कीमों का वित्त पोषण बजट के योजना परिव्यय से किया जाएगा। वित्त मंत्रालय के आर्थिक मामलों के विभाग की सलाह पर दूरसंचार विभाग ने यह प्रस्ताव किया था।


इसमें सुझाव दिया गया था कि यूएसओएफ स्कीमों का वित्त पोषण योजना परिव्यय से करना जारी रखा जाए ताकि उनका मूल्यांकन और मॉनिटरिंग बेहतर ढंग से की जा सके। इनमें नेशनल ऑप्टीकल फाइबर नेटवर्क की योजनाएं भी शामिल हैं जिनके अंतर्गत पंचायतों को ब्रॉडबेंड कनेक्शन दिए जाने का प्रस्ताव है।

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