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जयंत ने बताया कैसे पूरा होगा गांधीवादी अर्थव्यवस्था का सपना?

Tue, 11 Nov 2014 08:34 AM IST
Updated Tue, 11 Nov 2014 08:34 AM IST
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cabinet minister jayant sinha talks about indian economy.

केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री बनाए गए जयंत सिन्हा का मानना है कि वैश्विक अर्थव्यवस्था और गांधीवादी-समाजवादी अर्थव्यवस्था में कोई विरोधाभास नहीं है। उनका कहना है कि वैश्विक अर्थव्यवस्था के सहारे पैदा होने वाले संसाधनों के जरिए समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचा कर अर्थव्यवस्था के गांधीवादी सपने को पूरा किया जा सकता है।

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मंत्री बनने से पहले बातचीत के दौरान सिन्हा ने विकास दर का लाभ समाज के सभी वर्गों तक पहुंचाने के लिए आर्थिक सुधारों के साथ संस्थागत क्षेत्र में भी समान रूप से सुधार की वकालत की।
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उनका मानना है कि संस्थागत क्षेत्र में व्यापक सुधार के अभाव में ही विकास दर का सीधा लाभ सभी वर्गों तक पहुंचने के बदले भारत जैसे विकासशील देश में ही नहीं बल्कि अमीर देशों में असमानता की खाई चौड़ी होती जा रही है।
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वित्त राज्य मंत्री सिन्हा वैश्विक अर्थव्यवस्था और गांधी, लोहिया, दीनदयाल के आर्थिक मॉडल में किसी तरह के विरोधाभास को स्वीकार नहीं करते। उनका मानना है कि इन महापुरुषों का आर्थिक दर्शन समाज के अंतिम व्यक्ति को विकास का लाभ सुनिश्चित करना है, जिसे वैश्विक अर्थव्यवस्था के सहारे संसाधनों में इस तबके को प्रमुखता से हिस्सेदारी देकर पूरा किया जा सकता है।

उन्होंने कहा कि विकास दर के बढ़ने के बावजूद इसका लाभ निचले तबके में समान रूप से नहीं पहुंच पाना बड़ी समस्या है। अगर आर्थिक सुधारों के साथ-साथ संस्थागत क्षेत्र में भी सुधार में समान रूप से तेजी लाई जाए, तो इस कमी को पूरा किया जा सकता है।

'वैश्विक और गांधीवादी अर्थव्यवस्था में कोई विरोधाभास नहीं'

cabinet minister jayant sinha talks about indian economy.

एक सवाल के जवाब में सिन्हा ने कहा कि मोदी सरकार विकास दर या वैश्विक अर्थव्यवस्था से उत्पन्न संसाधनों को गरीबों में बांटने की हिमायती है। यही कारण है कि जहां प्रधानमंत्री देश में निवेश बढ़ाने के लिए मेक इन इंडिया का अभियान चला रहे हैं, तो दूसरी ओर स्किल इंडिया, जन धन, नकदी हस्तांतरण योजना और स्वच्छ भारत अभियान के जरिए इसका लाभ वंचित तबकों तक पहुंचाने का प्रयास भी कर रहे हैं।

मोदी सरकार की नीतियों की तारीफ की
जयंत सिन्हा ने मोदी सरकार की आर्थिक नीतियों की तारीफ करते हुए कहा कि नई सरकार भी वैश्विक अर्थव्यवस्था के सहारे पैदा होने वाले संसाधनों का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक जन धन योजना, नकद सब्सिडी हस्तांतरण योजना, स्किल इंडिया, मेक इन इंडिया जैसी योजनाओं और पूर्ण स्वच्छता अभियान के जरिए पहुंचाने का प्रयास शुरू किया है।

यूपीए सरकार की आलोचना की
पूर्ववर्ती यूपीए सरकार और वर्तमान व पूर्ववर्ती एनडीए सरकार के आर्थिक मॉडल और नीतियों में अंतर के संबंध में पूछे जाने पर जयंत सिन्हा ने कहा कि चाहे पूर्ववर्ती एनडीए सरकार हो या वर्तमान मोदी सरकार, इन सरकारों ने वैश्विक अर्थव्यवस्था से हुए लाभ और उत्पन्न संसाधनों का समाज के सभी वर्गों में वितरण की नीति बनाई और उस पर चले। तब विकास दर बढ़ने का लाभ समाज के अंतिम कतार में खड़े व्यक्ति को भी मिला। मगर यूपीए सरकार के कार्यकाल में विकास दर का लाभ सभी तबकों को न मिलने के कारण आर्थिक असमानता की खाई चौड़ी हुई।

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