मंत्रियों का रिपोर्ट कार्ड देखकर चिंता में पीएम मोदी, आखिर क्यों?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने मत्रिमंडल सहयोगियों के साथ बैठक कर सरकार के 18 महीनों के कामकाज की समीक्षा की है। समीक्षा बैठक में पीएम मोदी का जोर कृषि और ग्रामीण क्षेत्र के मसलों पर ज्यादा रहा।
पीएम ने सरकार के अपने सभी मंत्रियों को इन क्षेत्रों में हुए कामकाज से अवगत कराया है। ताकि वे जनता के बीच सरकार के प्रयासों को पहुंचा सके।
बताया जा रहा है कि कृषि, ग्रामीण विकास, विधुत, और रसायन एवं खाद मंत्रालय सरीखे 4 अहम मंत्रालयों ने अपने विभाग में किए गए कामकाज का ब्यौरा प्रस्तुतिकरण के माध्यम से सरकार के सभी मंत्रियों के समक्ष रखा।
ताकि सरकार के अहम विभागों के कामकाज से सभी मंत्री अवगत हो सकें। पीएम के इस प्रयास को सरकार के कैबिनेट और राज्य मंत्रियों के बीच समन्वय बैठाने का प्रयास भी माना जा रहा है।
अटल बिहार वाजपेयी सरकार की तरह वर्तमान सरकार में भी कुछ कैबिनेट और राज्य मंत्रियों के बीच संवादहीनता की चर्चाएं उभर कर सामने आई हैं। पीएम मोदी इस मामले का हल शुरू में ही कर देना चाहते हैं। ताकि सियासी नुकसान से बचा जा सके।
कृषि, ग्रामीण क्षेत्र की योजनाओं पर पीएम का खासा जोर
केंद्रीय मंत्रिपरिषद के सामने अहम मंत्रालयों के कामकाज को रखने का उनका प्रयास भी इसी कड़ी का हिस्सा करार दिया जा रहा है ताकि सभी मंत्री सरकार के कामकाज से अवगत रहें।
सूत्र बताते हैं कि सरकार के विभिन्न मंत्रालयों के जरिए किए जा रहे बेहत्तर कामों को उचित प्रचार-प्रसार न मिल पाने की वजह से पीएम मोदी चिंतित हैं। उन्होंने अपने मंत्रियों से कहा है कि वे सरकार के कामकाज को जनता में प्रचारित करें। सभी मंत्रियों को एक साथ बैठाने का प्रयास कर पीएमओ ने मंत्रियों के बीच समन्वय बढ़ाने का भी प्रयास किया है।
वहीं पीएमओ ने सरकार के मंत्रियों से पूर्वोत्तर राज्यों पर विशेष ध्यान देने को कहा है। पीएमओ ने उन सभी मंत्रियों को पत्र लिखा है, जिन्होंने अब तक पूर्वोत्तर का अपना दौरा नहीं किया है। उन मंत्रियों से जल्द से जल्द पूर्वोत्तर भारत के दौरे बनाने को कहे गए हैं।