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मंत्रिमंडल बदलाव में दक्षिण का दुर्ग सहेजने पर जोर

Sun, 28 Oct 2012 11:59 PM IST
नई दिल्ली/अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली/अमर उजाला ब्यूरो Updated Sun, 28 Oct 2012 11:59 PM IST
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Cabinet changes focused on south to save fort

केंद्रीय मंत्रिमंडल में बदलाव के जरिए कांग्रेस आलाकमान ने क्षेत्रीय सियासी समीकरणों को सुधारने का प्रयास किया है। फेरबदल में कांग्रेस का ज्यादा जोर दक्षिण भारत पर रहा है। आंध्र प्रदेश में कांग्रेस ने अपना किला बचाने की कोशिश की है। रविवार को 22 मंत्रियों की शपथ दिलाई गई, जिसमें में 6 आंध्र प्रदेश से हैं।

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पश्चिम बंगाल के तीन सांसदों को राज्यमंत्री बनाकर कांग्रेस ने यूपीए सरकार से नाता तोड़ने वाली ममता बनर्जी से भिड़ने की पुख्ता तैयारी कर ली है। पश्चिम बंगाल के तीनों मंत्रियों को वहीं विभाग सौंपे गए हैं जो तृणमूल कांग्रेस के पास थे। 
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पिछले कई लोकसभा चुनावों से दक्षिण भारत से कांग्रेस को सबसे ज्यादा सीटें हासिल होती रही हैं। पिछले लोकसभा चुनाव में आंध्र प्रदेश से कांग्रेस को सबसे ज्यादा 33 सीटें हासिल हुई थी। मगर राज्य में बदले सियासी समीकरण से हालात कांग्रेस के खिलाफ बन गए हैं। प्रदेश में जगन मोहन रेड्डी की बगावत से कांग्रेस की चूले हिल गई हैं।
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रेड्डी ने अपनी पार्टी बनाकर कांग्रेस के गढ़ में जबरदस्त सेंध लगाई है। वहीं, अलग तेलंगाना राज्य का मसला भी कांग्रेस के लिए गले की हड्डी बना हुआ है। विपरीत सियासी हालातों के चलते पार्टी इस मसले पर कोई सटीक फैसला नहीं ले पा रही है। ऐसे में प्रदेश की कांग्रेस सरकार के खिलाफ जनाक्रोश बढ़ता जा रहा है। इन्हीं बातों के मद्देनजर मंत्रिमंडल फेरबदल में आंध्र प्रदेश को ज्यादा तवज्जो देकर डैमेज कंट्रोल की कसरत को अंजाम दिया गया है।

फेरबदल में केरल और कर्नाटक का भी ख्याल रखा गया है। केरल से दो नए राज्यमंत्री तो कर्नाटक से रहमान खान के रूप में मुसलिम चेहरा कैबिनेट में लाया गया है। उधर, पश्चिम बंगाल से तीन सांसदों को मंत्री पद दिया गया है। इस कदम को ममता बनर्जी को जवाब के तौर पर देखा जा रहा है। अधीर रंजन चौधरी को राज्यमंत्री के साथ  रेल महकमा तो दीपा दास मुंशी को शहरी विकास मंत्रालय में राज्यमंत्री बनाया गया है।

एएच खान चौधरी को स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्यमंत्री बनाया गया है। दिलचस्प बात यह है कि तीनों सांसदों को जो मंत्रालय सौंपे गए हैं, वे पहले तृणमूल कांग्रेस के पास थे। कांग्रेस में चर्चा है कि यह इत्तेफाक नहीं. बल्कि ममता बनर्जी को चिढ़ाने के इरादे से किया गया है।

ममता के कटु आलोचकों को मिला पद
केंद्रीय कैबिनेट में रविवार को हुए फेरबदल में पश्चिम बंगाल के तीन सांसदों को मंत्री बनाया गया है। सबसे खास बात यह है कि इन मंत्रियों में से दो तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के कटु आलोचक हैं। ये मंत्री हैं दीपा दासमुंशी और अधीर रंजन चौधरी।


तृणमूल का बंगाल की उपेक्षा का आरोप
कैबिनेट फेरबदल में पश्चिम बंगाल की पूरी तरह से उपेक्षा की गई है। राज्य से किसी को कैबिनेट मंत्री नहीं बनाया गया है। तीन कांग्रेसी सांसदों को राज्यमंत्री बनाया गया है, लेकिन यह सिर्फ तृणमूल कांग्रेस को आहत करने के उद्देश्य से किया गया है, क्योंकि ये तीनों नेता ममता बनर्जी के कटु आलोचक हैं। बहरहाल, कांग्रेस के इस कदम का पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के बढ़ते राजनीतिक प्रभाव पर कोई असर नहीं पड़ेगा।- सौगत रॉय, तृणमूल कांग्रेस नेता 

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