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चुनाव से पहले रायबरेली को तोहफों की सौगात
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क
Updated Thu, 11 Jul 2013 11:36 PM IST
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आगामी लोकसभा चुनाव के मद्देनजर केंद्र सरकार कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के संसदीय क्षेत्र रायबरेली पर खासी मेहरबान हो गई है। पहले ही इस क्षेत्र को तोहफों से लाद चुकी सरकार ने भी रायबरेली के लिए तोहफों की बरसात कर दी।
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केंद्रीय मंत्रिमंडल ने यहां देश के पहले केंद्रीय महिला विश्वविद्यालय की स्थापना के साथ ही देश के पहले एविएशन विश्वविद्यालय खोलने पर भी मुहर लगा दी।
इसके लिए 700 करोड़ रुपये खर्च करने की घोषणा की गई है। इससे पहले केंद्र सरकार रायबरेली में रेल कोच फैक्ट्री और रेल पहिया कारखाना लगाने की घोषणा कर चुकी है।
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मानव संसाधन विकास मंत्रालय रायबरेली में केंद्रीय महिला विवि स्थापित करने के लिए काफी समय से प्रयास कर रहा था। इसके लिए प्रदेश सरकार से जमीन की पहचान करने को कहा गया था।
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कैबिनेट ने इंदिरा गांधी नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ वूमेन के नाम से रायबरेली में इसके स्थापना संबंधी प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान कर दी है।
इसके लिए संसद के मानसून सत्र में विधेयक पेश किया जाएगा। इसके बाद 12वीं पंचवर्षीय योजना में ही विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए 500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया जाएगा।
केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में एक अन्य निर्णय के तहत रायबरेली में राजीव गांधी के नाम पर राष्ट्रीय उड्डयन विश्वविद्यालय की स्थापना का भी निर्णय लिया गया है। यह अपनी तरह का देश का पहला विश्वविद्यालय होगा।
केंद्रीय विवि का दर्जा प्राप्त इस विश्वविद्यालय की स्थापना फुरसतगंज स्थित राष्ट्रीय उड़ान अकादमी परिसर में की जाएगी। नागरिक उड़्डयन मंत्रालय की ओर से इस संबंध में तैयार विधेयक को मंजूरी मिल गई है।
इस विधेयक को भी मानसून सत्र में ही संसद में पेश किया जाएगा। यद्यपि यह विश्वविद्यालय स्वायत्तशासी होगा, लेकिन इसका प्रशासनिक नियंत्रण नागरिक उड्डयन मंत्रालय के अधीन रहेगा।
इस विवि की स्थापना पर पहले चरण में (2013-2019) केंद्र सरकार कुल 202 करोड़ रुपये खर्च करेगी।
इसके अलावा दिल्ली में आसपास इलाकों से नौकरी के लिए आने वालों की यात्रा के समय कम करने के लिए रीजनल रेपिड ट्रांजिट सिस्टम (आरआरटीएस) के तहत एनसीआर में हाई-स्पीड एसी ट्रेन चलाने के लिए नेशनल कैपिटल रीजन ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन की स्थापना होगी।
दिल्ली से जुड़े तीन नेशनल कैपिटल रीजन ट्रांसपोर्ट सिस्टम कॉरिडोर बनाने पर भी कैबिनेट ने मुहर लगा दी है। पहला कॉरिडोर दिल्ली-सोनीपत-पानीपत (111 किलोमीटर) होगा। दूसरा कॉरिडोर दिल्ली-गुड़गांव-अलवर (180 किलोमीटर) और तीसरा कॉरिडोर दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ (90 किलोमीटर) होगा।
साथ ही एनसीटी ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन के निर्माण को मंजूरी दे दी गई है।