फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   c voter survey projection gives nda lead in upcoming elections

BJP को 202 सीटें, कांग्रेस को सिर्फ 89!

Fri, 14 Feb 2014 06:45 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, दिल्ली
टीम डिजिटल/अमर उजाला, दिल्ली Updated Fri, 14 Feb 2014 06:45 PM IST
विज्ञापन
c voter survey projection gives nda lead in upcoming elections

लोकसभा चुनावों से पहले आ रहे सर्वे कांग्रेस का सिरदर्द बढ़ा रहे हैं और भाजपा को उत्साहित बना रहे हैं। टीवी चैनलों की बहस में बैठने वाले सत्तारूढ़ दल के नेताओं को इनमें खामियां निकालने की जुगत करनी पड़ रही है और भगवा दल इनकी सच्चाई की कसमें खा रहा है।

विज्ञापन


कई सर्वे आ चुके हैं, जिनमें इशारा किया गया है कि आगामी लोकसभा चुनावों में कांग्रेस की अगुवाई वाले यूपीए को पिटाई के लिए तैयार रहना चाहिए। लेकिन दिक्कत यह है कि राहुल गांधी की तमाम कोशिशों के बावजूद इन सर्वे की सूरत नहीं बदल रही।
विज्ञापन


गुरुवार को आया सीवोटर का नेशनल प्रोजेक्शन पोल भी इसी ओर इशारा कर रहा है कि आगामी चुनावों में भाजपा अब तक की सबसे ज्यादा सीटें जीतने में कामयाब रहेगी और कांग्रेस सीटों के मामले में अब तक का सबसे कमजोर प्रदर्शन करेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

एनडीए 227, यूपीए सिर्फ 101 सीट!

c voter survey projection gives nda lead in upcoming elections

सर्वे में अंदाजा लगाया गया है कि लोकसभा चुनावों के बाद भाजपा की अगुवाई वाले एनडीए के पास बढ़िया मौका होगा, हालांकि उसकी सीटों की संख्या बहुमत के जादुई आंकड़े से कुछ कम रह जाएगी।

पोल में कहा गया है कि अगर आज चुनाव होते हैं, तो भाजपा अपने दम पर 202 सीटें जीतने में कामयाब रहेगी और उसके सहयोगियों को 25 सीटें मिलेंगी। इस हिसाब से एनडीए को 543 सदस्यों वाली लोकसभा में एनडीए 227 सीट तक पहुंचेगा।

दूसरी तरफ देखें, तो कांग्रेस का जहाज डूबता दिख रहा है। सर्वे के मुताबिक उसके खाते में केवल 89 सीटें आएंगी और साथियों की 12 सीटों के साथ यूपीए जैसे-तैसे 100 का आंकड़ा पार कर पाएगा।

गैर-भाजपा, गैर-कांग्रेस दलों का वोट शेयर कितना?

c voter survey projection gives nda lead in upcoming elections

एनडीए और यूपीए की छतरी से बाहर खड़े राजनीतिक दलों के हिस्से 215 सीटें आने की संभावना है और इनमें से कई अतीत में भाजपा के साथी रह चुके हैं और सरकार बनाने में आगे भी मदद दे सकते हैं।

इससे पार्टी के उस धड़े को काफी खुशी मिलेगी, जो नरेंद्र मोदी को अगले प्रधानमंत्री के रूप में देख रहा है। वोट शेयर की बात करें, तो एनडीए को 36 फीसदी, यूपीए को 22 फीसदी और अन्य दलों के हिस्से 42 फीसदी वोट जा सकते हैं।

दिल्ली विधानसभा चुनावों में कमाल प्रदर्शन करने वाली आम आदमी पार्टी के प्रदर्शन पर आगे भी निगाह रहेगी। सर्वे में अनुमान लगाया गया है कि अरविंद केजरीवाल की पार्टी के हाथ कुल सात सीटें आ सकती हैं, जिनमें से दिल्ली से बाहर चार होंगी।

AAP को सीटें सात, वोट प्रतिशत आठ

c voter survey projection gives nda lead in upcoming elections

सीटें भले कम दिख रही हों, लेकिन वोट शेयर का आकलन आम आदमी पार्टी को खुश कर सकता है, क्योंकि अनुमान यह है कि उसका वोट शेयर 8 फीसदी तक पहुंच सकती है।

इस लिहाज से देखें, तो आगामी लोकसभा चुनावों में कांग्रेस या भाजपा से अलहदा किसी भी दल की तुलना में अरविंद केजरीवाल की पार्टी सबसे ज्यादा वोट प्रतिशत हासिल करेगी।

जो राजनीतिक दल फिलहाल न कांग्रेस के साथ दिख रहे हैं और न भाजपा के, उनमें जे जयललिता की एआईएडीएमके और वाम दल खास हैं। इन दोनों दलों को आगामी चुनावों में 27-27 सीटें मिलेंगी। इसके अलावा तृणमूल कांग्रेस को 24, बसपा को 21 और सपा को 20 सीटें मिल सकती हैं।

कांग्रेस को हर राज्य में नुकसान की आशंका

c voter survey projection gives nda lead in upcoming elections

कांग्रेस ने 2009 में कुल 206 सीटें जीती थीं और वहां से 89 सीटों तक गिरने की वजह यह है कि देश भर के कई राज्यों में भारी नुकसान होने की आशंका है। पिछले चुनावों में कांग्रेस को सबसे ज्यादा सीटें (33) देने वाले आंध्र प्रदेश में वह शायद इस बार केवल 6 सीटों तक पहुंच पाएगी।

इसी तरह अनुमान है कि उत्तर प्रदेश में कांग्रेस के केवल 4 सांसद जीत पाएंगे, जबकि साल 2009 में उसके 21 उम्मीदवार संसद पहुंचे थे। राजस्‍थान में उसकी सीटों की संख्या 20 से गिरकर चार पर आने की आशंका है।

यही हाल दूसरे राज्यों का है। कर्नाटक में वह पिछली बार 14 सीटें जीती थीं, वहां उसे केवल सीट पर जीत मिलने की उम्मीद है। छत्तीसगढ़ में तीन के बजाय एक और उड़ीसा में सात के बजाय वह छह सीटों पर सिमट जाएगी।

AAP को दिल्ली में तीन, बाहर चार सीट?

c voter survey projection gives nda lead in upcoming elections

इसके उलट भाजपा की सीटों की संख्या लगभग सभी राज्यों में बढ़ती दिख रही हैं। उत्तर प्रदेश में पिछली बार उसे केवल 10 सीट मिली थीं, ले‌किन इस बार 34 सीट मिल सकती हैं। इसके अलावा राजस्‍थान में वह 4 से 21, बिहार में 12 से 21 सीटों पर पहुंच सकती हैं।

जो दूसरी पार्टियां काफी फायदे में दिख रही हैं, उनमें एआईडीएमके नंबर एक पर आती है। वह इस बार 99 के बजाय 27 सीटें जीत सकती हैं। इसके अलावा जगनमोहन रेड्डी की वाईएसआर कांग्रेस शून्य से 13, आरजेडी 4 से 12, टीआरएस 2 से 10 पर पहुंच सकती है।

पोल में अनुमान है कि सबसे ज्यादा नुकसान जेडीयू को होगा, जो 20 से केवल पांच सीटों पर आ जाएगी। डीएमके 18 से पांच पर सिमट सकती है, जबकि एनसीपी भी नौ से पांच पर आ जाएगी। आम आदमी पार्टी को दिल्ली में तीन और हरियाणा, महाराष्ट्र, कर्नाटक और केंद्र शासित प्रदेश से एक-एक सीट मिल सकती है।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed