राहुल का मिशन, यूपी सरकार के खिलाफ हल्ला बोल
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बिहार में महागठबंधन की जीत के बाद कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के हौंसले बुलंद हैं। राहुल ने अब यूपी मिशन 2017 का आगाज कर दिया है। कांग्रेस उपाध्यक्ष अपने मिशन को अंजाम देने के लिए 23 नवंबर को पश्चिमी उत्तर प्रदेश से छह किलोमीटर की पदयात्रा निकालने जा रहे हैं।
राहुल गांधी गन्ना किसानों की समस्याओं को लेकर आवाज उठाएंगे। उनके निशाने पर मोदी और उत्तरप्रदेश की सपा सरकार पर होगी। बिहार में जीत के बाद राहुल ने अब उत्तरप्रदेश के चुनाव को चुनौती के रूप में ले लिया है। प्रदेश में राहुल गठबंधन के सहारे ही नहीं बल्कि अपने दम पर भी पार्टी को मुकाबले में खड़ा करने की कोशिश में जुट गए हैं।
उत्तरप्रदेश के लिए राहुल इतने गंभीर है कि उन्होंने 21 नवंबर को भी प्रदेश के नेताओं की बैठक बुलाई है। इस बैठक में पार्टी के नेताओं से प्रदेश में गठबंधन को लेकर सलाह मशविरा किया जाएगा।
23 नवंबर को करेंगे छह किलोमीटर की पदयात्रा
राहुल गांधी की 23 नवंबर को सहारनपुर में पदयात्रा का क्षेत्र नाकुर विधानसभा में होगा। अपने छह किलोमीटर की पदयात्रा का श्रीगणेश राहुल सरसावा ब्लॉक के गेट इंडिस्ट्रयल एरिया पिलाखनी से करेंगे। रास्ते में राहुल गांधी गांवों में चौपाल भी लगाएंगे। पदयात्रा में पहली चौपाल हरदाखेड़ी गांव में लगेगी। दूसरी चौपाल गांव सिकरीकलान में होगी।
राहुल की पदयात्रा का अंतिम पड़ाव पटनी गांव के किसान पंचायत में होगा। यात्रा ही यही अंतिम बिंदू रखा गया है। इसके बाद वह सड़क के रास्ते सहारपुर गेस्ट हाउस में दोपहर के खाने के लिए जाएंगे।
बाद में वह दिल्ली रवाना हो जाएंगे। पार्टी के एक नेता ने कहा कि अपनी पदयात्रा के दौरान राहुल गांधी मोदी ओर सपा सरकार के बीच नजदीकियों का मुद्दा जोर शोर से उठा कसते हैं। किसानों की बदलहाली और प्रदेश की कानून व्यवस्था के मुद्दे पर भी राहुल गांधी सपा सरकार पर हमला बोल सकते हैं।
उत्तर प्रदेश चुनाव पर राहुल गांधी ने पूरा फोकस लगा दिया है। राहुल के निर्देश पर 21 नवंबर को गठबंधन के मुद्दे पर प्रदेश के सभी वरिष्ठ नेताओं की बैठक बुलाई गई है।
सूत्रों का कहना है कि प्रदेश में बसपा और राष्ट्रीय लोक दल के साथ गठबंधन करने को लेकर विचार किया जा रहा है। शनिवार को इसे लेकर प्रमुख नेताओं की राय ली जाएगी।
राहुल ने पिछले महीने ही उत्तर प्रदेश कांग्रेस की चिंतन बैठक भी बुलाई थी। चिंतन बैठक में उन्होंने प्रदेश कांग्रेस में जान फूंकने की रणनीति बनाई थी।