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उपचुनाव के नतीजे बढ़ाएंगे भाजपा-जदयू के बीच तल्खी
नई दिल्ली/ब्यूरो
Updated Thu, 06 Jun 2013 12:24 AM IST
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बिहार के महाराजगंज लोकसभा उपचुनाव के नतीजों से भाजपा और जद-यू के रिश्तों में पहले से चली आ रही तल्खी और बढ़ने के आसार हैं।
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करारी हार से सकते में आई जद-यू ने इसके लिए भाजपा के असहयोग को जिम्मेदार ठहरा दिया है। इस जीत ने राज्य की राजनीति में हाशिए पर आ चुके राजद प्रमुख लालू प्रसाद को संजीवनी दी है। लेकिन हार के कारण बीते लगभग आठ सालों में राज्य के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पहली बार बैकफुट पर हैं।
अब नई परिस्थितियों में न केवल भाजपा और जद-यू के बीच नए सिरे से जुबानी जंग छिड़ सकती है बल्कि जद-यू में नीतीश विरोधी खेमा भी नए सिरे से सक्रिय हो सकता है।
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हालांकि महाराजगंज सीट पहले भी राजद के पास थी, मगर हार और जीत के बड़े अंतर ने जद-यू के पास बचाव का विकल्प नहीं छोड़ा है। इसलिए पार्टी की खीज पूरी तरह से अपनी सहयोगी भाजपा पर उतर रही है।
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चुनाव हारने वाले राज्य के शिक्षा मंत्री प्रशांत कुमार शाही ने सार्वजनिक रूप से भाजपा पर विश्वासघात का आरोप लगाया है, जबकि पार्टी के केंद्रीय नेता निजी बातचीत में भाजपा पर हमला बोल रहे हैं।
पार्टी के एक शीर्ष नेता के मुताबिक दरअसल जद-यू को मोदी के विरोध की सजा मिली है। भाजपा कार्यकर्ताओं ने हमारे उम्मीदवार जिताने के लिए नहीं बल्कि हराने के लिए सारी ताकत झोंक दी।
दूसरी ओर भाजपा नेताओं ने भी निजी बातचीत में दिलचस्प तर्क दिए। इनका कहना था कि चुनाव में पार्टी ने तो जद-यू का पूरा साथ दिया, मगर मतदाताओं को इनका मोदी विरोध पसंद नहीं आया।
बहरहाल इस नतीजे ने नीतीश के सामने एक साथ कई चुनौतियां पैदा कर दी हैं। बड़ी जीत के साथ लालू एक बार फिर राज्य की राजनीति के मुकाबले में आ गए हैं।
जद-यू को डर इस बात का है कि अगर राज्य में फिर से लालू का ‘माय समीकरण’ मजबूत हुआ तो लेने के देने पड़ जाएंगे।
उल्लेखनीय है कि बीते विधानसभा चुनाव में मतों का जबरदस्त विभाजन राजग की बड़ी जीत की प्रमुख वजह बनी बनी थी। इस गठबंधन ने महज 37 फीसदी वोट हासिल कर राज्य की 90 फीसदी सीटों पर कब्जा जमा लिया था।