फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   business of death wine in up.

ये है यूपी में 'मौत की शराब' के कारोबार का खौफनाक सच

Wed, 14 Jan 2015 01:10 PM IST
अनुराग मिश्रा, ब्यूरो/अमर उजाला, उन्नाव, मेरठ, झांसी, वाराणसी
अनुराग मिश्रा, ब्यूरो/अमर उजाला, उन्नाव, मेरठ, झांसी, वाराणसी Updated Wed, 14 Jan 2015 01:10 PM IST
विज्ञापन
business of death wine in up.

उन्नाव में हसनगंज के ताला सरायं गांव में कच्ची शराब पीने के बाद रविवार देर रात से शुरू हुआ मौत का तांडव मंगलवार को भी नहीं थमा। आज चार और लोगों की कच्ची शराब पीने से मौत हो गई। जबकि करीब डेढ़ दर्जन लोगों को सरकारी एंबलेंस से जिला अस्पताल व ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया गया।

विज्ञापन


स्थिति की नाजुक देख सुबह से ही एसडीएम व सीओ गांव में डट गए और हर एक हरकत पर बारीक नजर रखे रहे। लखनऊ से भी आला अधिकारी पल-पल की खबर लेते रहे। जिला प्रशासन ने भी 11 लोगों की मौत की पुष्टि की है।
विज्ञापन


ताला सरायं गांव में रविवार रात व सोमवार को दो सगे भाइयों समेत सात को मौत की नींद सुला देने के बाद मंगलवार को चार और लोगों की कच्ची शराब पीने के कारण मौत हो गई। इनमें से एक की सुबह जबकि बाकी के तीन की दोपहर में मौत हुई। मरने वालों में रामपाल (60) पुत्र चंद्रिका, रामस्वरूप (40) पुत्र सोहन, छुटकावन (45) व भुल्लर (36) पुत्र मनोहर शामिल हैं। सभी ताला सरायं गांव के रहने वाले हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


इसके अलावा ताला सरायं गांव निवासी अनीस (35) पुत्र लाजिम, राजेश छोटा (28), सरवन (28) पुत्र छोटा, राकेश (32) पुत्र स्व. रामपाल, राधेश्याम (38) पुत्र स्व. रामपाल, राकेश (40) पुत्र राजाराम, रामखिलावन (38) पुत्र महावीर, विरेंद्र (25) पुत्र नोखे, प्यारे (50) पुत्र मैकू, अमृत (40) पुत्र चिरंजीव, जीत बहादुर, बाबूलाल, सुरजन लाल समेत हसनगंज के ही मटरियां गांव निवासी शिवदत्त (40) पुत्र रामप्रसाद को इलाज के लिए जिला अस्पताल व ट्रामा सेंटर भेजा गया है।

कच्ची शराब पीने के कारण सरवन, राकेश, जीत बहादुर, बाबूलाल व सुरजन लाल की आंखों की रोशनी भी प्रभावित हुई है। इससे पहले कच्ची शराब पीने से निवासी सागर (35) व रामसनेही (30) पुत्रगण जयराम, नान्ह (38) पुत्र जीत बहादुर, छंगा (29) पुत्र रेऊती, रघुनंदन (34) पुत्र पुरई, सतीश (22) पुत्र बलवंत व गेदालाल पुत्र जोधा पासी की मौत हो चुकी है।

उन्नाव में कुटीर उद्योग बन चुका है कच्ची शराब का कारोबार

business of death wine in up.

उन्नाव में एक तरफ आबकारी विभाग जिले में कच्ची शराब के कारोबार को नकार रहा है वहीं दूसरी तरफ आबकारी और पुलिस हर माह हजारों लीटर शराब बरामद कर रही है। बीते 9 महीने में आबकारी विभाग ने करीब 40 हजार लीटर अवैध कच्ची शराब बरामद की। वहीं पुलिस ने एक साल में 30 हजार लीटर कच्ची शराब बरामद की है। कच्ची शराब की बरामदगी विभाग के दावों की पोल खोल रही है।

जिले में कुटीर उद्योग का रूप ले चुका कच्ची शराब का काला धंधा जिले के लोगों को मौत की नींद सुलाने लगा है। पुलिस और आबकारी विभाग अभियान चलाने और हर महीनें औसतन दो दर्जन लोगों की गिरफ्तारी और हजारों लीटर अवैध शराब बरामद करने का दावा करता है वहीं दूसरी ओर अवैध शराब बरामद कर अपनी पीठ थपथपाता है। आबकारी विभाग के मुताबिक अप्रैल 2014 से दिसंबर 9 महीने में आबकारी विभाग ने साढ़े तीन हजार स्थानों पर छापेमारी कर 39276.24 लीटर कच्ची शराब बरामद की। कालेकारोबार में लिप्त 900 लोगों को गिरफ्तार किया गया मगर इनमें से सिर्फ 100 लोगों को ही जेल भेजा गया अन्य को आबकारी विभाग ने गिरफ्तार करने के तुरंत बाद जमानत पर रिहा कर दिया। पुलिस ने एक साल में करीब तीस हजार लीटर अवैध शराब पकड़ी।

ग्रामीणों में गुस्सा, गांव में तनाव, पीएसी-पुलिस तैनात
घटना को लेकर ग्रामीणों में खासी नाराजगी है। ग्रामीणों का मानना है कि अगर पुलिस शह न देती तो न जहरीली शराब बिकती और न दर्जनों परिवारों की खुशियां छिनतीं। घटना के बाद से मृतकों के परिजनों और ग्रामीणों में गुस्सा है। मंगलवार को ग्रामीणों ने पुलिस के खिलाफ नारेबाजी भी की। तनाव को देखते हुए अपर पुलिस अधीक्षक रामकिशुन यादव ने गांव में पुलिस और पीएसी बल तैनात करने के निर्देश दिए। गांव में सुरक्षाबलों की तैनाती की गई है। ताला सरांय गांव में हर तरफ मातम और गुस्से का माहौल रहा।

दंपति व तीन सगे भाइयों पर एफआईआर
जहरीली शराब से दो दर्जन मौत हो जाने की घटना में हसनगंज पुलिस ने लखनऊ के मलिहाबाद थानाक्षेत्र के दतौली गांव निवासी दंपति समेत पांच लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है।

हसनगंज थानाक्षेत्र के तेगापुर गांव निवासी मिश्रीलाल ने मलिहाबाद के दतौली गांव निवासी जगनू पुत्र बदलू और उनकी पत्नी पुष्पा के अलावा जगदीश पुत्र घसीटे और उसके दो सगए भाई फूलचंद्र उर्फ भूरे व भूपेंद्र उर्फ कल्लू के खिलाफ कच्ची शराब में जहरीला पदार्थ मिलाकर बेचने, जिसके पीने से भतीजे सतीश और रिश्तेदार सागर व सनेही की मौत होने का मामला दर्ज कराया है। वहीं ताला सरांय गांव निवासी तारादेवी पत्नी रामस्वरूप ने इन्हीं के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है।

मेरठ के खादर में फैला है अवैध शराब का कारोबार

business of death wine in up.

राजधानी लखनऊ के मलिहाबाद में जहरीली शराब पीने से हुई 27 मौतों के बाद तंत्र की नींद टूटी है और हड़कंप मचा है। लेकिन बात अगर मेरठ जनपद की करें तो यहां तो अवैध शराब का धंधा कुटीर उद्योग के रूप में फैला हुआ है। हाल ये है कि गंगा तट पर हस्तिनापुर से लेकर गढ़मुक्तेश्वर तक हजारों भट्ठियां धधक रही हैं। कच्ची शराब सिर्फ खादर में ही नहीं बनाई जाती, जनपद के सैकड़ों गांवों में यह बड़े पैमाने पर तैयार की जा रही है। इस जहरीली शराब से अब तक जनपद में पिछले दो सालों के भीतर दो दर्जन से ज्यादा मौत भी हो चुकी हैं। शराब माफिया के हौसलों यहां इस कदर बुलंद हैं कि जब भी आबकारी विभाग की टीम छापा मारने जाती है तो माफिया उन्हें खदेड़ देते हैं।

खादर के गांव मिर्जापुर में सात साल पहले आबकारी विभाग के इंस्पेक्टर और कांस्टेबलों को पीटकर अधमरा कर दिया था। उनकी दो सरकारी पिस्टल तक छीन ली थीं। इतना ही नहीं दो साल पहले नीमका में आबकारी विभाग पर हमला करते हुए आधा दर्जन गाड़ियों को आग लगा दी थी। इस घटना के बाद से सरकारी तंत्र यहां झांकने की हिम्मत नहीं जुटा सका था। लेकिन लखनऊ की घटना के बाद मंगलवार को एक बार फिर भारी पुलिस फोर्स के साथ खादर क्षेत्र, कंकड़खेड़ा, टीपीनगर और परतापुर में जबरदस्त छापामारी हुई।

बागपत में अवैध शराब की बिक्री के खिलाफ अभियान में पुलिस की 15 टीमों को आबकारी विभाग के साथ चेकिंग में लगाया गया, लेकिन कामयाबी के नाम पर निवाड़ा चेक पोस्ट पर चांदनहेड़ी गांव के पवन और विपिन पकड़े गए। इनके पास हरियाणा की दो पेटी शराब मिली। खेकड़ा में अशोक के पास तीन पेटी शराब मिली। न किसी भट्टी पर छापा लगा, न कोई शराब माफिया पकड़ा गया।

जहरीली शराब पीने से लखनऊ परिक्षेत्र में हुई मौतों से भले ही सूबे में हड़कंप मचा है, लेकिन मुजफ्फरनगर जहरीली शराब से अब तक अछूता ही है। हालांकि दो बार जनपद के निकटवर्ती देवबंद और बहसूमा में जहरीली शराब से मौतें हो चुकी हैं। जनपद के पुरकाजी, मोरना और रामराज क्षेत्र के खादर में कच्ची शराब निकाली और बेची जाती है। विभाग की यदा-कदा कार्रवाई के बाद इस अवैध कारोबार पर रोक लगती है, लेकिन कुछ दिन बाद फिर वही पुराना ढर्रा शुरू हो जाता है। यहां की अपेक्षा पड़ोसी राज्यों हरियाणा और उत्तराखंड में शराब की कीमतों में काफी अंतर होने के कारण दोनों राज्यों से शराब तस्करी बड़े पैमाने पर होती है। जिला आबकारी अधिकारी करुणेंद्र सिंह का कहना है कि डीएम के निर्देश पर अवैध शराब के खिलाफ अभियान जारी है।

सहारनपुर में आबकारी विभाग की टीमों ने जिले में अवैध शराब के खिलाफ छापेमारी की। जिला आबकारी अधिकारी आरपी शर्मा ने बताया कि झबीरन, अंबेहटा चांद, उमरीकलां, जखवाली, चौरा, नकुड़, गंगोह, कुतुबखेड़ी, खैरसाल, डूभर किशनपुर, कोटा, मल्हीपुर, मुबारकपुर, कोलागढ़, चकहरेटी, छिदबना, ककराला, चुनहटी पठलोकर, मुजफ्फरपुर समेत कई गांवों में छापे मारकर पांच हजार किलो लाहन और 445 लीटर अवैध शराब पकड़ी गई। नौ लोगों को गिरफ्तार कर विभिन्न थानों में 13 रिपोर्ट दर्ज कराई गई हैं। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2010 में जिले के देवबंद क्षेत्र में जहरीली शराब पीने से 37 लोगों की मौत हुई थी।

शामली जिले में पड़ोसी राज्य हरियाणा से भारी मात्रा में शराब की तस्करी होती है। जिले के आबकारी विभाग की टीम ने झिंझाना क्षेत्र के कई बावरियों के गांवों में छापा मारकर दो हजार लीटर लाहन नष्ट कराया। एक सौ लीटर कच्ची शराब के साथ तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जिला आबकारी अधिकारी सुधीर कुमार ने बताया कि छापामारी अभियान देर रात तक जारी है। उन्होंने कहा कि गांवों में अवैध रूप से कच्ची शराब बनाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

जिला आबकारी अधिकारी जैनेंद्र यादव का दावा है कि बिजनौर जिले में शराब के अवैध कारोबार को लेकर अभियान चल रहा है। 12 से 26 जनवरी तक इस महीने अभियान चलेगा। मंगलवार को भी छापामारी हुई। धामपुर क्षेत्र के दर्जन गांवों में पुलिस के साथ आबकारी विभाग की टीम ने छापामारी की और अवैध शराब की भट्ठियों को नष्ट किया। हालांकि इस दौरान कोई गिरफ्तारी नहीं हुई।

सरकारी जमीन पर चल रहा शराब का अवैध कारोबार

business of death wine in up.

एक तरफ सरकार कहती है कि अवैध शराब बनाने वालों पर नकेल कसो, गिरफ्तार कर जेल भेजो, मगर मेरठ जिले में तो सरकारी जमीन पर ही अवैध शराब बनाई जा रही है। हस्तिनापुर में पशुधन विभाग के फार्म हाउस में एक नहीं कई भट्ठियां लगी हैं। रोजाना रात में यहां शराब बनती है, पुलिस और आबकारी को पूरी जानकारी रहती है, मगर व्यवस्था चुप्पी साध लेती है।

पुलिस और आबकारी विभाग तक मोटी रकम पहुंचने के कारण सब कुछ जानते हुए भी कार्रवाई नहीं की जा रही है। ऐसे में सवाल है कि क्या पुलिस प्रशासन को लखनऊ के मलिहाबाद जैसी वीभत्स घटना का इंतजार है। जिले में हस्तिनापुर के अलावा परीक्षितगढ़ और बहसूमा क्षेत्र में भी अवैध रूप से शराब बनाने का काम चल रहा है। जब कभी अधिकारी सख्ती करते हैं, तो पुलिस और आबकारी दिखावे के लिए इन गांवों में पहुंचकर हल्की फुल्की कार्रवाई कर देते हैं। अमर उजाला टीम ने मंगलवार को हस्तिनापुर के गंगा खादर क्षेत्र में भ्रमण किया, तो वहां कई जगह तोड़ी गई शराब की भट्ठियां मिलीं। साथ ही दोबारा से भट्ठी लगाने के लिए खोदे गए गड्ढे भी मिले।

चौंकाने वाली बात यह है हस्तिनापुर के नया गांव की पशुधन विभाग के फार्म हाउस में शराब की भट्ठियां लगी हैं। एक हजार लीटर से ज्यादा लहन (शराब बनाने में प्रयुक्त होने वाला), तीन ड्रम, बाल्टी और अन्य सामान था। गड्ढे खोदकर लहन को पॉलीथिन से ढककर रखा गया था। मंगलवार को शासन से सख्ती होने पर जिले में डीएम और एसएसपी ने जहरीली शराब बनाने वालों के खिलाफ कार्रवाई के लिए आबकारी विभाग की टीम को रवाना किया। टीम के साथ आरआरएफ भी भेजी गई। पुलिस ने खादर क्षेत्र में शराब बनाने वालों को तलाशा, मगर इस फार्म हाउस की तरफ झांकने की जरूरत नहीं समझी गई।

रात में धधकती हैं भट्ठियां
अवैध रूप से शराब बनाने वाले दिन में या तो अपने घर पर रहते हैं या अन्य कामों में लगे रहते हैं। दिन छिपने के बाद ही ये माफिया शराब बनानी शुरू कर देते हैं। रात में पुलिस और आबकारी भी इन जंगलों में दबिश डालने से कतराती है। इसका फायदा शराब माफिया उठाते हैं और बेरोकटोक शराब बनाकर बेच रहे हैं।

जिलाधिकारी पंकज यादव ने बताया कि जहरीली शराब पीने से लोगों की मौत होने पर जिले में भी अलर्ट जारी कर दिया है। पुलिस और आबकारी विभाग को सख्त हिदायत दी है कि शराब बनाने और बेचने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करें। शराब की भट्टियां तोड़ी जाए तथा शराब माफिया को गिरफ्तार कर जेल भेजें।

एसएसपी ओंकार सिंह ने कहा कि कच्ची शराब बनाने वालों के खिलाफ अभियान शुरू कर दिया है। हस्तिनापुर, परीक्षितगढ़ और बहसूमा थाना पुलिस को कच्ची शराब बनाने वालों के खिलाफ कार्रवाई के लिए लगाया है, वहीं समस्त थानाध्यक्षों को निर्देश दिया है कि उनके इलाके में जो भी कोई अवैध रूप से शराब बेच रहा है, उसे गिरफ्तार किया जाए।

मेरठ में कहर बरपा चुकी है जहरीली शराब

business of death wine in up.

लखनऊ के मलिहाबाद जैसे हालात मेरठ जिले में कभी भी पैदा हो सकते हैं। क्योंकि खादर क्षेत्र में संचालित अवैध शराब की भट्टियों से बड़ी मात्रा में कच्ची और अधोमानक शराब तैयार करके धड़ल्ले से बेची जा रही है। वैसे भी जिले में कई बार जहरीली शराब कहर बरपा चुकी है। बावजूद इसके शराब के अवैध धंधे को बंद कराने में पुलिस, प्रशासन और आबकारी विभाग खास दिलचस्पी नहीं दिखा रहा है।

सोमवार को मलिहाबाद में जहरीली शराब से 20 से ज्यादा लोगों की जान चली गई और 150 से ज्यादा लोग अस्पताल में भर्ती हैं। जहरीली शराब का ऐसा कहर मेरठ में सात साल पूर्व बहसूमा थाना क्षेत्र के रामराज में हुआ, जिसमें पांच लोगों की मौत हुई थी। डेढ़ साल पूर्व ही हस्तिनापुर की मनोहरपुर कालोनी निवासी राजू, कृष्णपाल, राजकुमार, मनोज और महेंद्र की जहरीली शराब पीने के कारण ही मौत हुई। दो महीना पूर्व लतीफपुर में एक युवक की मौत हुई। इसके अलावा साल भर अलग अलग गांव में अवैध शराब पीने से मौत का सिलसिला चलता रहता है। जब बड़ा हादसा होता है, तब पुलिस प्रशासन नींद से जागता है, मगर फिर चुप बैठ जाता है। शराब माफिया इतने दबंग हैं कि दबिश के दौरान पुलिस पर हमला तक करा देते हैं। बता दें कि खादर क्षेत्र के कई गांवों में अवैध रूप से शराब बनाने का धंधा कुटीर उद्योग का रूप ले चुका है। गन्ने के खेतों से लेकर लोग अपने घरों में भी शराब बना रहे हैं। बिजनौर बैराज से लेकर हस्तिनापुर, बहसूमा और परीक्षितगढ़ थाना क्षेत्र के एक दर्जन से ज्यादा गांवों में शराब बनाई जा रही है।

इसलिए खतरनाक है यह शराब
खादर क्षेत्र में जिस तरह से शराब बनाई जाती है, उससे मिथाइल एल्कोहल की मात्रा अधिक कर दी जाती है। डाक्टरों की मानें, तो मिथाइल एल्कोहल फॉर्मेल्डिहाइड में बदल जाता है, जिससे शरीर में अनेक विकार उत्पन्न हो जाते हैं। परिणामस्वरूप आंखों की रोशनी चली जाती हैं, जिगर खराब हो जाता है तथा हृदय गति धीमी हो जाती है। साथ ही गुर्दे भी फेल हो जाते हैं। जबकि विभिन्न कंपनियों में बनने वाली शराब में एल्कोहल की मात्रा मानक के अनुरूप इस्तेमाल की जाती है।

तस्करी का भी जोर
कच्ची शराब बनाने के अलावा जिले में हरियाणा और अन्य प्रदेशों से तस्करी कर शराब लाकर बेचने का भी बड़ा नेटवर्क काम कर रहा है। हरियाणा से तस्करी करके बड़ी मात्रा में शराब मेरठ पहुंचती है। मेरठ शहर में टीपीनगर, कंकरखेड़ा, मेडिकल और परतापुर क्षेत्र में तस्करी कर लाई गई शराब बेचने वालों के अड्डे हैं। पुलिस कई बार शराब की खेप पकड़ चुकी है। बावजूद इसके शराब तस्करों का कौन सरगना है, कहां से इनके तार जुड़े हैं, इस बारे पुलिस और आबकारी विभाग का ढुलमुल रवैया है। खास बात ये भी है कि हरियाणा से जो शराब तस्करी कर लाई जा रही है, वह अरुणाचल प्रदेश व अन्य प्रदेशों में बिक्री के नाम से निकलती है।

छापों में 32 अवैध शराब का धंधा करने वाले गिरफ्तार

business of death wine in up.

लखनऊ के मलिहाबाद इलाके के दतली गांव में जहरीली शराब से 27 लोगों की मौत के बाद मंगलवार को पूर्वांचल में पुलिस और आबकारी विभाग की टीम ने संयुक्त रूप से छापेमारी कर सैकड़ों लीटर शराब और कई कुंतल लहन को नष्ट किया। कार्रवाई में देर शाम तक 32 अवैध शराब का धंधा करने वाले गिरफ्तार किए गए हैं। कार्रवाई से शराब के अवैध धंधा करने वालों में हड़कंप है।

वाराणसी में पुलिस और आबकारी विभाग ने मंगलवार को सिगरा और बड़ागांव में संयुक्त छापेमारी की। सिगरा थाना क्षेत्र के मलदहिया स्थित मलिन बस्ती में छापेमारी कर 20 कुंतल लहन नष्ट किया गया। यहां चार लोगों को गिरफ्तार किया गया। बड़ागांव स्थित कंजड़ बस्ती में छापेमारी कर 50 कुंतल महुआ लहन नष्ट कर 10 लोगों को गिरफ्तार किया गया। बलिया के उभांव थाना क्षेत्र के बनकटा और सतना बहादुरपुर में जिला आबकारी अधिकारी के नेतृत्व में छापेमारी कर कई लीटर शराब नष्ट की गई। गाजीपुर के बड़ेसर, मुहम्मदाबाद, कासिमाबाद, सैदपुर, करंडा तथा जमानिया क्षेत्र में की गई छापेमारी में 35 लीटर कच्ची शराब के साथ 18 महिलाएं पकड़ी गईं। मौके पर मिले 25 कुंतल लहन और शराब की भट्ठियों को नष्ट करते हुए आबकारी विभाग की टीम ने शराब बनाने के उपकरणों को भी जब्त कर लिया।

मिर्जापुर जिले के देहात कोतवाली क्षेत्र के जमुनहिया, हनुमान पड़रा तथा कटरा कोतवाली क्षेत्र के बरौंधा कछार इलाके में छापेमारी के दौरान 50 लीटर अवैध शराब और सैकड़ों प्लास्टिक डिब्बों में लहन बरामद किया गया। सोनभद्र में एसडीएम सदर राजेंद्र प्रसाद तिवारी की अगुवाई में राबर्ट्सगंज कंजड़ बस्ती में छापेमारी में 20 लीटर कच्ची शराब बरामद की गई। सौ कुंतल महुए का लहन नष्ट करने के साथ चार लोगों को गिरफ्तार किया गया।

जौनपुर के धरनीधरपुर में पुलिस और आबकारी विभाग की टीम ने छापेमारी की। इस दौरान एक हजार लीटर से अधिक कच्ची शराब पकड़ी गई। आजमगढ़ के मुबारकपुर क्षेत्र में पुलिस और आबकारी विभाग की चार टीमों का गठन कर अवैध शराब के खिलाफ छापेमारी की गई। मऊ के दोहरीघाट, मधुबन, घोसी और शहर कोतवाली क्षेत्र में पुलिस और आबकारी विभाग की टीम छापा मारकर सैकड़ों कुंतल लहन नष्ट किया। इसी तरह, चंदौली के सहजौर, भदोही के औराई, चौरी और जंगीगंज क्षेत्र में एसडीएम, आबकारी विभाग के अधिकारियों और पुलिस की टीम ने कई स्थानों पर छापेमारी की।

अवैध शराब के खिलाफ चला झांसी में अभियान

business of death wine in up.

लखनऊ के मलीहाबाद में जहरीली देसी शराब से हुई मौतों को लेकर मंगलवार को झांसी और ललितपुर जिले में आबकारी विभाग, पुलिस और जिला प्रशासन की संयुक्त टीम ने अवैध देसी शराब के अड्डों पर छापामारी की। इस दौरान भारी मात्रा में लहन व अवैध देसी शराब बरामद की गई। तकरीबन तीन दर्जन भट्ठियों को नष्ट किया गया। कारोबार में संलिप्त डेढ़ दर्जन से महिला पुरुषों को गिरफ्तार किया गया है।

सीपरी बाजार थानांतर्गत परबई गांव स्थित कबूतरों के डेरों पर कबूतरों की बस्ती में संचालित दो दर्जन से अधिक भट्ठियां नष्ट की गईं, वहीं लगभग एक हजार क्विंटल लहन, यूरिया, महुआ और शराब के कई बड़े- बड़े ड्रम जब्त किए गए। हजारों लीटर अर्द्धनिर्मित शराब को सड़क पर बहा दिया गया, जबकि पांच सौ लीटर देसी शराब को जब्त कर लिया गया। इस दौरान ग्यारह महिलाओं को गिरफ्तार किया गया है।

उधर, मोंठ तहसील के ग्राम सेना के कबूतरा डेरा पर छापा मारकर पुलिस ने 52 ड्रम लहन व 50 लीटर अवैध शराब बरामद की है। संध्या व इंदिरा नाम की दो महिलाओं को मौके से गिरफ्तार किया गया है। इसी तरह, गरौठा तहसील के ग्राम मढ़ा में 96 क्वार्टर अवैध शराब बरामद करने में पुलिस सफल रही, जबकि दो लोगों को मौके से गिरफ्तार किया गया। मऊरानीपुर तहसील के टोड़ी फतेहपुर कसबे में छापा मार कर पुलिस ने 15 किलोग्राम लहन नष्ट किया है।

ललितपुर जिले के तालबेहट थानांतर्गत दोपकुची गांव और ललितपुर के मऊमाफी गांव में चलाए गए अभियान में संयुक्त टीम ने एक दर्जन से अधिक भट्ठियों को नष्ट किया, वहीं एक क्विंटल लहन और 270 लीटर देसी शराब बरामद की गई। इस दौरान काले कारोबार में संलिप्त एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed