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मोदी की जयपुर रैली में फिर बुर्के पर बवाल
एजेंसियां/जयपुर
Updated Wed, 11 Sep 2013 08:38 AM IST
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जयपुर में नरेंद्र मोदी की सुराज संकल्प यात्रा रैली में मुसलमानों को खास ड्रेस कोर्ड में आने का निर्देश देने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है।
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हालांकि बीजेपी ने दावा किया है कि पार्टी की अल्पसंख्यक सेल की ओर से जारी निर्देश का गलत मतलब निकाला जा रहा है। मुसलिम समर्थकों के साथ धर्म के आधार पर कोई अलगाव नहीं किया गया।
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कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह ने ट्विट करके पूछा है कि मुसलिमों को टोपी और बुर्के में आने का आदेश देकर बीजेपी कोई ड्रेस लागू करना चाह रही था या वोट बैंक की राजनीति कर रही थी। मीडिया को यह सवाल बीजेपी से पूछना चाहिए।
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बीजेपी का दावा है कि उसके निर्देश का गलत अर्थ निकाला गया। पार्टी ने निर्देश दिया था कि रैली में अगर कोई महिला बुर्का पहन कर आए तो उसे रोका ना जाए। ऐसे आरोप लगाए जा रहे थे कांग्रेस की रैली में सुरक्षा वजहों का हवाला देकर बुर्काधारी महिलाओं को रोका गया था।
पार्टी की प्रवक्ता ज्योति किरण ने कहा कि रैली में महिलाओं को उनके पारंपरिक लिबास में आने की छूट थी। चाहे वह बुर्का पहन कर आई हों या जीन्स। पुरुषों को भी टोपी, साफा, पगड़ी पहन कर आने से रोका नहीं गया।
एक और प्रवक्ता विमल कटियार ने बताया कि बीजेपी अल्पसंख्यक मोर्चा के राज्य अध्यक्ष अमीन पठान ने निर्देश दिया था कि बुर्का पहन कर आने वाली किसी भी महिला को रैली में आने से न रोका जाए।
इसी तरह के निर्देश पगड़ी, साफा या टोपी पहन कर आने वाले पुरुषों के लिए थे। लेकिन इस पूरे मामले को गलत तरीके से समझा गया और इसकी गलत व्याख्या हुई। लोगों को रैली में शामिल करने के लिए एसएमएस भेजे गए थे।
मोदी की रैली में खासी तादाद में बुर्काधारी महिलाएं शामिल हुईं। कुछ दिन पहले मोदी ने कहा था कि कांग्रेस धर्मनिरपेक्षता का बुर्का ओढ़ लेती है।