बुंदेलखंड का अनोखा बैंक, जो देता है रोटी और सब्जी
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उत्तर प्रदेश का बुंदेलखण्ड काफी पिछड़े इलाको में आता है। यहां का महोबा जिला अचानक ही आजकल चर्चा में बना हुआ है।
कारण है यहां के कुछ युवा नौजवान जिन्होंने ने एक ऐसी मुहिम चलाई जिसको जानकर आपका दिल पसीज जाएगा।
लगभग 40 की संख्या में कुछ युवा और 5 व्यस्क लोगों ने एक ऐसा बैंक तैयार किया है जिसमें गरीबों के लिए हर रोज रोटी का इंतजाम किया जाता है।
जी हां! आपने सही सुना। महोबा के ये बच्चे हर रोज घर-घर जाकर दो ताजा रोटियां मांगते है और फिर उन्हें भूखे और जरुरतमंद लोगों में बांट देते हैं।
ये मुहिम इस साल अप्रैल में शुरु हुई थी जो अब एक आंदोलन का रुप ले चुकी है। इससे हर रोज लगभग 400 जरुरतमंद लोगों का पेट भरता है।
सुविधा के लिए पूरे शहर को 8 हिस्सो में बांट
सबसे पहले ये ग्रुप रेलवे स्टेशन पर मौजूद भिखारियों को ही रोटी मुहैया कराता था। लेकिन अब ये शहर के एक बड़े हिस्से की जरुरत पूरी करता है।
ये लोग अस्पतालों में मरीजों और उनके तमीरदारों के अलावा सड़को, रेलवे स्टेशनों पर बैठे गरीबों और झुग्गीयों में बसने वाले गरीबों का भी पेट भरते हैं।
टीबी से पीड़ित एक मरीज रामप्रकाश का कहना है कि ये बच्चे भगवान का रुप है और मैं इन्हें दिल से दुआएं देता हुं।
इस ग्रुप ने पूरे शहर को 8 हिस्सो में बांट रखा है। सभी रोटिंयां एक जगह पर इक्ट्ठी की जाती है और फिर उन्हें उनके डिस्ट्रीब्यूटर लोगों तक पहुंचाते हैं।
इस पूरे मिशन को अंजाम देने वाली तारा पाटकर का कहना है कि कई कैटरर ने हमसे संपर्क किया पर हम ऐसा नहीं चाहते क्योंकि खाने की बर्बादी के हम सख्त खिलाफ हैं।