तैयारी पूरी, इस साल रफ्तार पकड़ेगी बुलेट ट्रेन!
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की देश में बुलेट ट्रेन दौड़ाने की योजना इस साल रफ्तार पकड़ सकती है। पूरी संभावना है कि मुंबई से अहमदाबाद के बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट के साझीदार इस साल तय हो जाएंगे।
जापान 63 हजार करोड़ रुपये के इस प्रोजेक्ट पर बड़ी राशि लगाने के लिए रेल मंत्रालय को अपनी सहमति दे चुका है, लेकिन शेष राशि के लिए मंत्रालय को साझीदारों की तलाश है।
मंत्रालय को इसमें जल्द सफलता मिलने के संकेत हैं। इस प्रोजेक्ट पर जापानी कंपनी जाइका की संभावित रिपोर्ट भी मंत्रालय को जल्द मिलने वाली है। उधर, बुलेट ट्रेन को लेकर लोकसभा में सवाल उठाने वाले कांग्रेस सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया पर रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने चुटकी ली।
उन्होंने कहा कि ‘यह ट्रेन उन लोगों के लिए होगी जो मेरे अच्छे दोस्त सिंधिया की तरह यात्रा करना चाहते हैं, जबकि मेरे जैसे गरीब सामान्य ट्रेन में ही यात्रा करेंगे।’
जापान ने बड़ी राशि लगाने के लिए दी सहमति
ज्योतिरादित्य ने रेल मंत्री से पूछा कि बुलेट ट्रेन पर 80 हजार करोड़ की लागत आने वाली है। इसके लिए डेडीकेटेड कॉरिडोर बनाना पड़ेगा, जिसके दोनों तरफ दीवारें भी बनानी होंगी, लेकिन निर्माण पीपीपी के जरिए हुआ तो इसका सफेद हाथी बनना तय है।
ऐसे में अच्छे दिन के सपने कैसे पूरे होंगे? रेल मंत्री ने इसका जवाब भी कटाक्ष के अंदाज में दिया। उन्होंने कहा कि अच्छे दिन आने में अभी समय लगेगा, क्योंकि बुरे दिन बहुत समय से चल रहे थे।
रेल मंत्री ने कहा कि मुंबई से अहमदाबाद और दिल्ली से चेन्नई के बीच बुलेट ट्रेन के लिए जापान और चीनी कंपनियां संभावना रिपोर्ट तैयार कर रही हैं। चीन और जापान ने इन प्रोजेक्टों को आर्थिक मदद देने की पेशकश की है।
बुलेट ट्रेन के सपने को पूरा करने के लिए नेशनल हाई स्पीड रेल अथॉरिटी का गठन किया जा रहा है, जिस पर कैबिनेट नोट भी भेजा गया है। यह अथॉरिटी सुरक्षा, लागत, आराम जैसे मुद्दों को बड़े आकार में देखेगी।