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मरने के बाद भी जिंदा हैं ये आंखें
वडोदरा/एजेंसी
Updated Fri, 30 Aug 2013 12:15 AM IST
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वडोदरा में गिरीं दो बहुमंजिला इमारतों में अपने भाई और भतीजे को खोने के दुख और शोक के बावजूद शहर के एक निवासी ने उनकी आंखें दान कर दी हैं, जिनसे चार लोग इस दुनिया को देख सकेंगे।
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वडोदरा मेडिकल कॉरपोरेशन (वीएमसी) की स्थायी समिति के पूर्व अध्यक्ष डॉ. विजय शाह ने बताया कि सरकारी अस्पताल के डॉक्टरों की एक टीम ने बुधवार को महादेव राजू नायर (42) और उनके बेटे विग्नेश महादेव नायर (14) की कॉर्निया को चार दृष्टिहीन लोगों में प्रतिरोपित किया है।
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यहां माधवनगर इलाके में बुधवार को दो इमारतें गिरने से महादेव और उनके पुत्र सहित ग्यारह लोगों की मौत हो गई थी।
महादेव के बड़े भाई मोहन नायर ने कहा कि मेरे भाई और उनके बेटे की इच्छा थी कि मौत के बाद उनकी आंखें दान कर दी जाएं।
हालांकि मैंने अपने अपनों को इस भयानक हादसे में खोया है, लेकिन मुझे उनकी इच्छा को पूरा करके अच्छा लग रहा है। उनकी आंखों से चार लोग इस दुनिया देख सकेंगे और दोनों की यादों को हमेशा जिंदा रखेंगे।
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नायर परिवार के इस कदम की प्रशंसा करते हुए डॉ. शाह ने कहा कि नायर परिवार ने एक उदाहरण पेश किया है जिसका सभी को अनुकरण करना चाहिए।