संसद का बजट सत्र शुरू, राष्ट्रपति ने गिनाईं सरकार की उपलब्धियां
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26 नवंबर को देश ने संविधान दिवस के रूप में मनाया।
जल संचय के लिए जल क्रांति योजना।
छोटे पदों पर नियुक्ति के लिए खत्म किया जा रहा इंटरव्यू।
एक हजार कानून खत्म करने पर विचार चल रहा है।
'सरकार को 32 बिल पास कराने की उम्मीद'
राष्ट्रपति के अभिभाषण के साथ संसद सत्र का आगाज हो गया है। राष्ट्रपति संसद के दोनों सदनों के सदस्यों को संबोधित कर रहे हैं।
बजट सत्र से ठीक पहले संसद पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि सभी दलों से विचार-विमर्श किया गया है। कई बार बातचीत हुई है। देश के नागरिकों के मुद्दों पर गहन चिंतन होगा।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि विपक्ष के साथियों ने जो सकारात्मक रुख दिखाया है आज से शुरू हो रहे सत्र में उनके सहयोग की उम्मीद है। विश्व की नजर इस बजट सत्र पर है।
इससे पहले संसदीय कार्यमंत्री वेंकैया नायडू ने बताया कि सरकार इस बार के संसद सत्र में 32 बिल पास कराने की उम्मीद है। उन्होंने विपक्ष से सहयोग की अपील की हैं। वहीं जेएनयू मुद्दे पर केंद्रीय मंत्री ने कहा कि जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय को बंद करने की योजना नहीं है।
जेएनयू विवाद पर होगी चर्चा
बजट सत्र की बात करें तो 25 फरवरी को रेल बजट, 26 फरवरी को आर्थिक सर्वेक्षण और 29 फरवरी
को आम बजट पेश किया जाएगा।
हालांकि सत्र से पहले अब तक हुई चार सर्वदलीय
बैठकों में सरकार और विपक्ष ने सदन को शांतिपूर्वक चलाने पर हामी भरी है। इस बात का जिक्र खुद प्रधानमंत्री मोदी ने भी किया। उन्होंने बताया कि सत्र में विपक्ष से सहयोग की उम्मीद है।
इससे पहले विपक्ष ने भी जेएनयू विवाद, हैदराबाद में दलित छात्र की आत्महत्या, आरक्षण के सवाल पर जाटों का हिंसक आंदोलन, पठानकोट में हुए आतंकी हमला मामले में सरकार को घेरने की रणनीति बनाई है, वहीं सरकार ने भी रक्षात्मक रुख अपनाने के बदले इन सभी मुद्दों पर पलटवार का मन बनाया है।
बीते तीन सत्रों की तरह अगर इस सत्र में भी सरकार और विपक्ष के बीच जोर-आजमाइश जारी रही तो इस बार भी सरकार का आर्थिक एजेंडा पटरी से उतर सकता है।
बजट सत्र में हंगामे की जगह कामकाज की संभावना तलाशने के लिए सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, लोकसभा स्पीकर और राज्यसभा के सभापति हामिद अंसारी के बाद संसदीय कार्य मंत्री वैंकेया नायडू ने भी सर्वदलीय बैठक बुलाई।
विपक्ष सरकार को घेरने तो सरकार पलटवार के मूड में
विपक्ष ने बैठक में ताजा विवाद से जुड़े सभी मुद्दों पर चर्चा कराने की मांग की। बैठक में तय हुआ कि राष्ट्रपति के अभिभाषण के बाद अगले ही दिन सबसे पहले जेएनयू मसले पर चर्चा कराई जाए। इसके बाद सभी विवादास्पद मुद्दों पर आम बजट पेश होने के बाद चर्चा कराने पर सहमति बनी है।
बैठक के बाद कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा कि विपक्ष बिल के गुण-दोष के आधार पर फैसला करेगा। उन्होंने विभिन्न मुद्दों पर देश का माहौल लगातार खराब होने का हवाला देते हुए कहा कि संसद न चलने के लिए विपक्ष को जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं है। जबकि नायडू ने कहा कि सरकार विपक्ष की सभी विषयों पर चर्चा की मांग स्वीकार कर चुकी है। ऐसे में विपक्ष को सदन चलाने में सहयोग करना चाहिए।
इन बिलों का तय होगा भविष्य
जीएसटी, व्हिसल ब्लोअर्स प्रोटेक्शन संशोधन बिल इंडस्ट्रीज (डेवलपमेंट एंड रेगुलेशन) संशोधन बिल, कंज्यूमर प्रोटेक्शन बिल, इनसॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड, बेनामी ट्रांजैक्शंस (संशोधित) बिल, प्रिवेंशन ऑफ करप्शन (संशोधित) बिल।