फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   Budgam issue army given clarification.

बडगाम घटना पर सेना की सफाई, जांच शुरू

Wed, 05 Nov 2014 12:25 AM IST
Updated Wed, 05 Nov 2014 12:25 AM IST
विज्ञापन
Budgam issue army given clarification.

जम्मू-कश्मीर के बडगाम में सेना की गोली से दो लड़कों की मौत की घटना की जांच के लिए कोर्ट ऑफ इनक्वायरी गठित कर दी गई है।

विज्ञापन


सेना ने अपनी सफाई में कहा है कि आतंकियों को रोकने के मकसद से लगाए गए बैरिकेड पर यह लड़के चेतावनी के बावजूद नहीं रुके। सेना इस बात की जांच करेगी कि गोली किन हालात में चली और मारुति में सवार चार लड़कों का रवैया कैसा था।

सेना ने साफ तौर पर कहा है कि अगर इस घटना में सैन्य अधिकारियों की गलती साबित हुई तो उन्हें सजा दी जाएगी। हालांकि सेना ने इन दो लड़कों की मौत पर अफसोस जाहिर किया है। सेना के मुताबिक सुरक्षा एजेंसियों को सटीक खुफिया जानकारी थी कि 3 नवंबर को सफेद मारुति 800 गाड़ी में आतंकवादी नवगांव-पुलवामा रोड पर निकलेंगे।
विज्ञापन


इसी आधार पर सेना ने कई जगहों पर मोबाइल व्हैकिल चेक पोस्ट (एमवीसीपी) लगाए गए थे। सेना ने बताया कि बडगाम के यह चार लड़के सफेद मारुति 800 में उस एमवीसीपी की तरफ आए, जहां 53 राष्ट्रीय राइफल्स के जवान तैनात थे।
विज्ञापन
विज्ञापन

बैरिकेड और चेतावनी के बाद भी नहीं रोकी गाड़ी

Budgam issue army given clarification.

जवानों की बार-बार दी जा रही चेतावनी को अनसुना कर वह बैरिकेड की दो बाधा पार कर गए। तीसरी और आखिरी बाधा पर जवानों ने गोली चला दी। सेना के मुताबिक इससे पहले उन लड़कों ने तीसरी बाधा को जबरन पार करने की कोशिश की।

सेना के सूत्रों ने बताया कि अब तक इन लड़कों का आतंकवाद से कोई संबंध नहीं निकला है। सूत्रों के मुताबिक आतंकवाद ग्रसित इलाके में सेना अत्यधिक तनाव के हालात में काम करती है। सोमवार के शाम पांच बजे जो हालात बने उसमें ऐसी गलती हो जाना संभव है।

उमर ने की जेटली से बात
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने रक्षा मंत्री अरुण जेटली से फोन पर बात कर इस घटना पर नाराजगी जताई है। अब्दुल्ला ने जेटली से कहा कि इस घटना से राज्य में होने वाले चुनाव का माहौल बिगड़ेगा।

इससे पहले जेटली ने ट्वीट पर इस घटना को बेहद अफसोसजनक बताते हुए निष्पक्ष जांच की जरूरत पर जोर दिया। माना जा रहा है कि घाटी की संवेदनशीलता और होने वाले चुनाव के मद्देनजर खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जेटली से मामले को अपने हाथ में लेने का निर्देश दिया है।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed