फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   buddhist conclave will be asset for bihar and up

यूपी, बिहार के लिए वरदान साबित होगा बुद्धिष्ट कानक्लेव

Fri, 28 Sep 2012 12:45 PM IST
हेमंत श्रीवास्तव/वाराणसी
हेमंत श्रीवास्तव/वाराणसी Updated Fri, 28 Sep 2012 12:45 PM IST
विज्ञापन
buddhist conclave will be asset for bihar and up
पहली बार बनारस में आयोजित हो रहे इंटरनेशनल बुद्धिष्ट कानक्लेव से उत्तर प्रदेश और बिहार के दिन बहुरने की उम्मीदे हैं। इन दोनों राज्यों में स्थित बुद्ध परिपथ से जुड़े स्थलों पर विदेशी मुद्रा की बरसात होगी तो विकास के राह भी खुलेंगे।
विज्ञापन


कोशिश सिर्फ यह होनी चाहिए कि कानक्लेव की व्यवस्था संभाल रहे अफसर बौद्ध परिपथ को ठीक से विदेशी मेहमानों के सामने परोस दें। ऐसा मानना है पर्यटन उद्यमी, होटलियर्स और ट्रेवेल्स एजेंटों का। इस कानक्लेव के आयोजन से आने वाले वर्षों में बौद्ध परिपथ पर सैलानियों का दबाव काफी बढ़ेगा।
विज्ञापन


सैलानी बढ़ेंगे तो इस परिपथ से जुड़े स्थलों का विकास भी तेजी से होगा। कुशीनगर, सारनाथ, बोधगया, कपिलवस्तु, श्रावस्ती, राजगीर, नालंदा के साथ ही बनारस के गंगा घाट, गंगा आरती, विंध्य के मनोरम स्थल में यह क्षमता है कि पहली ही नजर में दर्शक को मोहित कर ले।
विज्ञापन
विज्ञापन


28 से 30 सितंबर तक आयोजित इस सम्मेलन की तैयारी में लगे भारत सरकार पर्यटन मंत्रालय ने विदेशी डेलीगेट्स के स्वागत और सुविधा की जगह जगह वीवीआईपी व्यवस्था की है। दूसरे शब्दों में कहें तो इन डेलीगेट्स को बौद्ध परिपथ के सपनों के सौदागर केरूप में देखा जा रहा है। इस कदर डेलीगेट्स को प्रभावित करने की तैयारी है कि वे वापस जाएं तो टूर पैकेज बनाते समय सबसे पहले बौद्ध परिपथ का आफर सैलानियों को दें।

आयोजन स्थल पंच सितारा होटल गेटवे का पीकाक लान, टेनिस कोर्ट और गुलाब बाग, पंचशील धर्मध्वजा के साथ ही देश विदेश के झंडों से सज गया है। पीकाक लान में 140 गुणे 170 वर्गफीट में हैंगर स्ट्रक्चर में थियेटर स्टाइल का हाल तैयार है। इससे पूर्व होटल के टेनिस कोर्ट में हैंडर स्ट्रक्चर में ही एग्जीविशन हाल बना है। इस हाल में 16 राज्यों के पर्यटन स्थलों के प्रचार प्रसार के स्टाल लगेंगे। इनके गुजरने वाले सभी रास्तों को रंग रोगन कर सजा दिया गया है।

उप निदेशक यूपी टूरिज्म अनूप श्रीवास्तव का दावा है कि कानक्लेव से आने वाले वर्षों में बौद्ध परिपथ पर सैलानियों की संख्या में रिकार्ड वृद्धि होगी। सहायक निदेशक भारत पर्यटन मृत्युंजय मिश्रा का कहना है कि कानक्लेव अपने मकसद में पूरी तरह सफल होगा। बनारस और सारनाथ केपर्यटन स्थलों में वह क्षमता है कि वह किसी को भी अपनी ओर आकर्षित कर ले।


होटल आइडियल टावर के वाइस प्रेसीडेंट पीयूष वर्मा भी कानक्लेव से बहुत उम्मीदें पाले हैं। कहा कि कानक्लेव केबाद बौद्ध अनुयायी देशों से बनारस के लिए सीधी उड़ाने शुरू करने पर विचार सरकारेंकर सकती हैं। जातक ट्रवेल्स के निदेशक एसके सिंह भी आशान्वित हैं। सिंह के मुताबिक कानक्लेव का पूरा आयोजन सारनाथ में होता तो और लाभ मिल सकता था।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed