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पेरिस के हमलावरों को दूंगा 51 करोड़: याकूब

Fri, 09 Jan 2015 08:13 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, मेरठ
ब्यूरो/अमर उजाला, मेरठ Updated Fri, 09 Jan 2015 08:13 AM IST
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BSP leader Yakub Qureshi's controversial statement on Charlie Hebot Attack

डेनिस कार्टूनिस्ट पर 51 करोड़ रुपये का इनाम घोषित कर चर्चा में आए यूपी के पूर्व मंत्री और बसपा नेता याकूब कुरैशी का कहना है कि उन्होंने कुछ भी गलत नहीं कहा था। याकूब ने कहा कि धर्म और पैगंबर की शान से छेड़छाड़ करना किसी भी सूरत में माफी के काबिल नहीं है।

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उन्होंने कहा कि फ्रांस की राजधानी पेरिस की पत्रिका लगातार धर्म के साथ छेड़छाड़ कर रही थी। इसीलिए उनके साथ ऐसा सुलूक हुआ है। उन्होंने यह भी ऐलान किया है कि पेरिस में हमला करने वाले अगर दावा करेंगे तो उन्हें 51 करोड़ रुपये का इनाम दिया जाएगा।
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डेनमार्क के कार्टूनिस्ट के कार्टून बनाने और पत्रिका में छपने के बाद जली कोठी चौराहे पर याकूब कुरैशी ने वर्ष 2006 में घोषणा की थी कि उस कार्टूनिस्ट का सिर कलम करने वाले को 51 करोड़ का इनाम दिया जाएगा। याकूब के इस बयान से उस समय हलचल मच गई थी। इसके बाद कई संगठनों ने उनके बयान के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए कोर्ट में परिवाद भी दर्ज कराए थे।
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'पेरिस में जो हुआ, वह गलत नहीं है'

BSP leader Yakub Qureshi's controversial statement on Charlie Hebot Attack

याकूब अब फिर कह रहे हैं कि उन्होंने अपने धर्म के साथ छेड़छाड़ करने वालों के खिलाफ घोषणा की थी और पेरिस में जो हुआ, वह गलत नहीं है।

याकूब का कहना है कि यह उनके धर्म से जुड़ा मामला है और इसका राजनीति से कोई लेना-देना नहीं है। इसी कारण वे फ्रांस की घटना को सही ठहराते हैं। उन्होंने साफ कहा कि धर्म की शान में गुस्ताखी करने वालों को अपने किए की सजा मिली है।

डेनिस कार्टूनिस्ट बोला- सुरक्षा की नहीं चिंता:

वहीं पेरिस की इस घटना के बाद इंटरनेट पर दी गई जानकारी में कहा गया है कि डेनमार्क की पत्रिका ने अपने कार्यालय की सुरक्षा बढ़ा दी है। डेनमार्क की पत्रिका के विवादित कार्टून बनाने वाले एक कार्टूनिस्ट ने बयान जारी कर कहा है कि उसे सुरक्षा की कोई चिंता नहीं है। वहां की सरकार उन्हें पूरी सुरक्षा दे रही है। हालांकि, इस कार्टूनिस्ट को उसके ही घर में 2010 में जान से मारने की कोशिश की जा चुकी है।

याकूब के बयान की आलोचना

BSP leader Yakub Qureshi's controversial statement on Charlie Hebot Attack

भाजपा प्रदेशाध्यक्ष लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने याकूब के बयान की आलोचना करते हुए कहा कि इस तरह के बयानों पर तो प्रतिक्रिया देना भी स्तरहीन है। कुछ लोग लोकप्रियता पाने के लिए कुछ भी कर सकते हैं।

सपा जिलाध्यक्ष जयवीर सिंह ने कहा कि यह सस्ती लोकप्रियता पाने के लिए किया जा रहा है। किसी भी धर्म का पूरा सम्मान होना चाहिए लेकिन आतंकी घटना को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है।

कांग्रेस जिलाध्यक्ष विनय प्रधान ने कहा कि महज चर्चाओं में रहने के लिए ऐसा बयान देना ठीक नहीं है। आतंक की किसी भी घटना को सही नहीं ठहराया जा सकता है। याकूब कुरैशी का बयान निदंनीय है।

बसपाई रहे चुप

बसपा से मुरादाबाद से लोकसभा प्रत्याशी रहे याकूब कुरैशी के इस बयान पर बसपाई चुप हैं। कई बड़े बसपा नेताओं ने इस पर बयान देने से इंकार कर दिया तो कई ने इसे याकूब का निजी बयान बताते हुए पल्ला झाड़ लिया। इतना तो जरूर है कि याकूब के इस बड़बोलेपन ने बसपाइयों को असमंजस में डाल दिया है। इस बयान के बाद बसपा प्रमुख मायावती के रुख पर भी सभी की निगाह रहेंगी।

बिना लाइसेंस के चल रही याकूब-अखलाक की मीट फैक्ट्री

BSP leader Yakub Qureshi's controversial statement on Charlie Hebot Attack

एनजीटी (नेशनल ग्रीन ट्रिब्युनल) के निर्देश पर क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और जिला प्रशासन की संयुक्त टीम ने बुधवार को तीन मीट फैक्ट्रियों का निरीक्षण किया। इनमें से एक मीट फैक्ट्री पूर्व विधायक हाजी याकूब कुरैशी और एक पूर्व सांसद हाजी शाहिद अखलाक की है। निरीक्षण में तीनों फैक्ट्रियां बगैर कारखाना लाइसेंस के चलती मिलीं। फैक्ट्री प्रबंधन को 15 दिन में लाइसेंस लेने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और वेटनरी विभाग की टीम ने तीनों फैक्ट्रियों से मीट के नमूने भी लिए।

बुधवार को एसडीएम सदर रविश गुप्ता और क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी डॉ. बीबी अवस्थी के साथ टीम पहले पूर्व विधायक याकूब कुरैशी की फैक्ट्री अल फहीम मीटेक्स पहुंची। इसके बाद पूर्व सांसद शाहिद अखलाक की अल साकिब प्राइवेट लिमिटेड और शादाब की तान्या मार्केटिंग प्राइवेट लिमिटेड का निरीक्षण किया। इस दौरान तीनों में ईटीपी प्लांट चलते मिले। अलग-अलग विभागों की टीम ने तीनों फैक्ट्रियों में सभी बिंदुओं पर जांच की। रेंड्रिंग प्लांट से लेकर मीट प्रोसेसिंग और ईटीपी तक स्थिति देखी।

क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी डॉ. बीबी अवस्थी ने बताया कि निरीक्षण में पता चला कि तीनों ही फैक्ट्रियां बिना कारखाना लाइसेंस के चल रही थीं। टीम ने फैक्ट्री प्रबंधन को 15 दिन के अंदर लाइसेंस लेने के निर्देश दिए हैं। इस संबंध में एसडीएम रविश गुप्ता ने सहायक निदेशक कारखाना विभाग केके मिश्रा को पूरे मामले को देखने के निर्देश दिए हैं। सभी विभागों की टीम दो दिन में अपनी अलग-अलग रिपोर्ट तैयार कर एसडीएम सदर को सौंपेगी। इसके बाद रिपोर्ट डीएम के समक्ष प्रस्तुत की जाएगी। इसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

सैंपल लिए, होगी जांच
क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम ने तीनों फैक्ट्रियों में ईटीपी प्लांट के सैंपल लिए। इन्हें संयुक्त के सामने ही सील कर दिया गया। इसकी जांच विभाग की प्रयोगशाला में की जाएगी। जांच में सैंपल फेल हुआ तो संबंधित फैक्ट्री के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। सैंपल की जांच तीन से चार दिन में होगी। इसके अलावा पशु चिकित्सा विभाग ने भी मीट के नमूने लिए उन्हें भी जांच के लिए भेजा गया है।

उपजिलाधिकारी सदर रविश गुप्ता ने बताया कि जिलाधिकारी के आदेश पर यह त्रैमासिक रुटीन निरीक्षण था। फैक्ट्री प्राइवेट क्षेत्र में आती हैं, ऐसे में मैं वहां अपने स्तर पर मीडिया को प्रवेश की इजाजत नहीं दे सकता था। निरीक्षण में प्रथम दृष्ट्या कुछ खामियां मिली हैं। इन पर संबंधित विभाग अपनी रिपोर्ट भेजेंगे।

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