बदायूं: CBI के लपेटे में बसपा विधायक
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सीबीआई ने बदायूं में दो बहनों की हत्या के मामले में बसपा के विधायक विनोद कुमार शाक्य से पूछताछ की है। जांच एजेंसी ने कहा कि मामले में शाक्य की भूमिका संदिग्ध है। यही वजह है कि उनसे पूछताछ की गई।
यह मामला लगभग सुलझा लिया गया है और अब इसमें गिरफ्तारी के लिए मेडिकल बोर्ड की अंतिम फोरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार है।
सीबीआई की इस पहलकदमी के बाद इस मामले में पांचों कथित संदिग्धों की रिहाई अब लगभग निश्चित हो गई है।
सीबीआई के सूत्रों ने कहा है मामले की जांच के दौरान शाक्य तरह-तरह के बयान जारी कर पीड़ित परिवार को प्रभावित करने की कोशिश कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि अगर सुबूतों से इस मामले में लड़की के परिवारवालों के कुछ सदस्यों के मामले में शामिल होने की पुष्टि हुई तो उन्हें भी गिरफ्तार किया जा सकता है।
लड़कियों पर यौन हमले की पुष्टि नहीं
हत्या के लिए जिन लोगों को आरोपियों को बनाया गया है उनके खिलाफ कोई सुबूत नहीं है। लड़कियों पर यौन हमले की भी पुष्टि नहीं हुई है।
गौरतलब है कि लड़कियों की मौत के सिलसिले में पप्पू, अवधेश, उर्वेश यादव (तीनो भाई ), कांस्टेबल छत्रपाल यादव और सर्वेश यादव को गिरफ्तार किया गया था।
सीबीआई इन्हें जांच के लिए हैदराबाद स्थित सेंटर फॉर डीएनए फिंगर प्रिंटिंग एंड डायगनोस्टिक (सीडीएफडी)ले गई थी। जांच में यौन हमले की पुष्टि नहीं हुई।
गौरतलब है कि बदायूं में मई के आखिरी सप्ताह में 14-15 साल की दो बहनें पेड़ पर लटकी हुई हालत में मिली थीं।
इसके बाद पूरे देश में इस घटना की चर्चा हुई और लोगों में गुस्सा देखा गया। इस मामले से प्रदेश की समाजवादी पार्टी की सरकार की खासी किरकिरी हुई थी।