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सीने पर गोली खाकर शहीद हुआ यूपी का लाल

Tue, 25 Aug 2015 02:13 PM IST
Updated Tue, 25 Aug 2015 02:13 PM IST
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bsf si govind singh died on bangladesh border

आगरा में कागारौल ब्लॉक क्षेत्र के गांव गढ़ी कालिया का बहादुर लाल गोविंद सिंह चाहर (45 वर्ष) बांग्लादेश की सीमा पर घुसपैठियों के हमले में वीरगति को प्राप्त हो गया। वीर सपूत ने अदम्य साहस के साथ आखिरी सांस तक देश के दुश्मनों का मुकाबला किया और फिर सीने पर गोली खाकर सरहद की हिफाजत में प्राणों की कुर्बानी दे दी। शहीद का पार्थिव शरीर मंगलवार को उनके गांव पहुंचेगा।

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पराक्रमी के अंतिम दर्शन के लिए हजारों लोग सोमवार से ही गढ़ी कालिया पहुंच रहे हैं। बचपन से ही सेना में जाने का जज्बा रखने वाले गोविंद सिंह चाहर पुत्र बनवारीलाल 1986 में बीएसएफ में भर्ती हुए थे।
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वर्तमान में वह एएसआई के पद पर थे। उनकी ड्यूटी पश्चिम बंगाल में बांग्लादेश बार्डर पर थी। रविवार रात दर्जनभर आतंकियों के देश में घुसने की सूचना मिली थी। गोविंद सिंह समेत करीब नौ जवानों ने उनका पीछा शुरू कर दिया।
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'मेरा बेटा वतन पर मर मिटने वाले वीरों में शामिल हो गया'

bsf si govind singh died on bangladesh border

कुछ चलकर श्यामा नदी के पास गोविंद सिंह का आतंकवादियों से मुकाबला हुआ। गढ़ी कालिया के बहादुर बेटे ने बड़ी देर तक उनका सामना किया। उधर से अंधाधुंध गोलियां चलती रहीं लेकिन पराक्रमी ने अपना मोर्चा नहीं छोड़ा।

देश के दुश्मन पूरी तैयारी के साथ आए थे। गोविंद सिंह उनके रास्ते में चट्टान बनकर खड़े हो गए। गोली लगने पर भी पराक्रमी के कदम पीछे नहीं हटे और लड़ते-लड़ते शहीद हो गए। उनकी शहादत की सूचना रविवार देर रात परिवार को मिली तो कोहराम मच गया। सोमवार को हजारों लोग शहादत को नमन करने पहुंचे।

सोमवार को गम में डूबे गांव में किसी भी घर में चूल्हा नहीं जला। किसान नेता राजकुमार चाहर ने शहीद के परिवार को ढांढस बंधाया। उधर, आंसुओं में डूबे बनवारी लाल ने खुद को संभालते हुए कहा, मुझे गर्व है, जो मेरा बेटा वतन पर मर मिटने वाले वीरों में शामिल हो गया।

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