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चौबीस घंटे पहले ही एयरफोर्स परिसर में घुस चुके थे आतंकी

Sat, 09 Jan 2016 09:54 PM IST
Updated Sat, 09 Jan 2016 09:54 PM IST
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nia's report on pathankot attack,

जैश-ए-मोहम्मद के चार आतंकी हमले से कुछ देर पहले नहीं बल्कि करीब चौबीस घंटे पहले ही पठानकोट एयरफोर्स बेस परिसर में घुस चुके थे। पठानकोट आतंकी हमले की जांच कर रही नेशनल इनवेस्टिगेशन एजेंसी (एनआईए) को इस बात के संकेत मिले हैं कि ऑपरेशन में मारे गए चार आतंकी एसपी सलविंदर सिंह की गाड़ी छोड़ने के कुछ ही देर बाद परिसर में दाखिल हो गए थे।

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एनआईए के उच्चपदस्थ सूत्र के मुताबिक इन आतंकियों ने एसपी और उसके साथियों को छेड़ने के बाद 1-2 जनवरी यानि बृहस्पतिवार-शुक्रवार के तड़के करीब 3 बजे एयरफोर्स परिसर के पास गाड़ी छोड़ चुके थे। यही गाड़ी पुलिस को सुबह 11 बजे मिली।
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सूत्रों के मुताबिक अबतक की जांच में संकेत मिल रहे हैं कि यह आतंकी गाड़ी छोड़ने के बाद ही परिसर की 11 फुट दीवार के पिछले भाग से कटीले तार काट कर घुस गए थे। इन्होंने अगला करीब चौबीस घंटा यानि 2 जनवरी का पूरा दिन परिसर के भीतर ही बीताया। सूरज ढलने के बाद भी यह सक्रिय नहीं हुए। 2-3 जनवरी के तड़के तीन बजे इन्होंने हमला बोला।

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लग चुकी थी हमले की खबर

nia's report on pathankot attack,

सूत्रों के मुताबिक तब तक पंजाब से लेकर दिल्ली तक इस संभावित हमले की खबर लग चुकी थी और परिसर के भीतर एनएसजी और सेना के कमांडो तैनात हो चुके थे। सूत्रों के मुताबिक हमले के कुछ देर पहले रात के सर्च ऑपरेशन के लिए उड़ान भर रहे एयरफोर्स के हेलीकॉप्टर को थर्मल इमेज से इन आतंकियों के हरकत का पहला सुराग मिला।

इससे पहले कि सुरक्षा बल करीब 24 वर्गकिलोमीटर में फैले परिसर में इन आतंकियों पर घेरा डाल पाते इन्होंने हमला बोल दिया। एनआईए जांच के मुताबिक सुरक्षा बल को आखिरी वक्त तक अंदाजा नहीं था कि हमला किधर से होने वाला है। सूत्रों ने बताया कि यह चारो आतंकवादी इन चौबीस घंटे में संभवत पहले से मौजूद दो आतंकियों से संपर्क करने की कोशिश में थे।

इन आतंकियों के पास जीपीएस नहीं था। एजेंसी का कयास है कि रास्ते की खोज के लिए यह अपने सामान्य ज्ञान और पहले से देखे गए नक्शे के दिमाग में बने इमेज का ही इस्तेमाल कर रहे होंगे। हालांकि एनआईए इन दो आतंकियों की मौजूदगी को लेकर अबतक अश्वस्त नहीं है।

सूत्रों के मुताबिक खास बात यह है कि एजेंसी को सर्च ऑपरेशन में अबतक हथियारों और सामानों के चार सेट ही मिले हैं। चार एके-47, चार पिस्तौल कुछ दर्द की दवाईयां इत्यादि। लिहाजा एजेंसी को छह आतंकियों की मौजूदगी की थ्यौरी को पुख्ता करने के पहले और कई सुराग की जरुरत है।

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