'पंजाब और जम्मू की सीमा से नहीं हुई घुसपैठ'
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सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) ने दो टूक कहा है कि पठानकोट के आतंकी हमलावरों ने पंजाब और जम्मू की अंतरराष्ट्रीय सीमा (आईबी) से घुसपैठ नहीं की है। बृहस्पतिवार को बीएसएफ महानिदेशक डीके पाठक ने गृह सचिव राजीव महर्षि को रिपोर्ट दी है कि आईबी के चप्पे-चप्पे पर उनकी फोर्स तैनात है।
पिछले एक महीने में इन इलाकों से किसी घुसपैठ के कोई सुराग नहीं हैं। बीएसएफ के मुताबिक सीमा के संवेदनशील जगहों पर लगे कैमरे में ना तो कोई थर्मल इमेज कैद हुआ है और ना ही गुरदासपुर-पठानकोट-जम्मू सेक्टर के 553 किलोमीटर की फेंसिंग पर कोई सुरंग मिला है
बीएसएफ के इस रुख के बाद गृह मंत्रालय घुसपैठ के सच के लिए नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (एनआईए) की जांच पूरी होने तक का इंतजार करेगा। नॉर्थ ब्लॉक स्थित गृह मंत्रालय में गृह सचिव के साथ उच्चस्तरीय बैठक करने आए डीके पाठक ने अमर उजाला से बातचीत में कहा कि सीमा पर लगे कैमरे के खराब होने की बात गलत है।
लेकिन इस सवाल पर साध ली चुप्पी
पाठक के मुताबिक पंजाब के करीब 91 किलोमीटर सीमा क्षेत्र में रावी नदी की
फेंसिंग बरसात में होने वाले भराव की वजह से नहीं की जा सकती। जब नदी में
पानी का भराव होता है तो आतंकियों का छुप कर आना संभव है।
लेकिन इस मौसम
में रावी का पानी सूखा हुआ है। नदी की तलहटी में बड़े घास उग आए हैं। इस
वजह से वहां फोर्स पूरी तरह सक्रिय हैं। यहां की तैनाती गुरदासपुर के हमले
के बाद और सख्त कर दी गई है।
पाठक के मुताबिक इस बात की जांच चल रही है कि
आतंकी आखिर पंजाब में दाखिल कहां से हुए थे। उन्होंने आतंकियों के ड्रग
तस्करों के रूट के इस्तेमाल के सवाल पर चुप्पी साध ली।