बीएसएफ ने बताया, कैसे पकड़ा गया आतंकी नवेद?
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उधमपुर हमले में शामिल इकलौते पकड़े गए जिंदा आतंकी नवेद को भले ही पाकिस्तान ने अपने यहां का होने से इंकार किया हो लेकिन भारत सरकार ने साफ शब्दों ने उसे पाक नागरिक ही बताया है।
इस बीच पूरे मामले पर बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स (बीएसएफ) ने आज प्रेस कॉन्फ्रेंस की और इस पूरे ऑपरेशन को लेकर उठ रहे सवालों के जवाब दिए। बीएसएफ ने साफ किया कि ऑपरेशन को लेकर कोई मतभेद नहीं है। ये पूरा ऑपरेशन बीएसएफ ने अंजाम तक पहुंचाया।
बीएसएफ के डीजी डीके पाठक ने बताया कि अगर रॉकी नहीं होता तो कई लोग आतंकियों का शिकार बनते। कोई भी उनमें से नहीं बचता। इस हमले में हमारे दो जवान शहीद हुए जबकि 14 लोग घायल हुए। इनमें एक की हालत गंभीर बनी हुई है।
'रॉकी नहीं होता तो नुकसान ज्यादा होता'
बीएसएफ के डीजी ने इस पूरे ऑपरेशन में कोई मतभेद नहीं है। उनके मुताबिक आतंकियों ने जिस जगह को निशाना बनाने की कोशिश की वहां पिछले 20 साल में कोई ऐसी घटना नहीं हुई थी। ये बेहद सुरक्षित इलाका माना जाता था।
डीजी पाठक ने आगे बताया कि जिस समय आतंकियों ने बस को निशाना बनाने की कोशिश की उसमें बस एक ही जवान था। उसने अपने दम पर आतंकियों को रोकने की कोशिश की।
बीएसएफ के डीजी के मुताबिक जिस समय बस को अपना शिकार बनाया उस समय उसमें 24 लोग थे। लेकिन रॉकी ने मोर्चा संभाला जिससे आतंकी अपने मंसूबे में कामयाब नहीं हो सके। अकेले रॉकी ने उन आतंकियों रोक के रखा।