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'कोई बड़ा आतंकी हाथ लगे, BSF तभी मनाती है विजयादशमी'

Thu, 22 Oct 2015 09:27 PM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, दिल्ली
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, दिल्ली Updated Thu, 22 Oct 2015 09:27 PM IST
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BSF celebrates dussehra when they catches Terrorist

देश की सीमाओं की रक्षक बीएसएफ के जवान विजयादशमी का त्यौहार तभी मनाते हैं जब वह किसी आतंकी को पकड़ने में कामयाब हो जाते हैं। संसद पर हमले के मास्टमाइंड जैश-ए-मोहम्मद के खूंखार आतंकवादी गाजी बाबा को तीन साल तक ढूंढने और उसे मार गिराने की कहानी किसी रामायण से कम नहीं।

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अपनी अगुवाई में इस ऑपरेशन को अंजाम देने वाले सीमा सुरक्षा बल के पूर्व डीजी अजय राज शर्मा का मानना है कि गाजी बाबा जैसे रावणों का वध ही सुरक्षा एजेसिंयों की विजयादशमी होती है।
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स्वर्ण जयंती मना रहे बीएसएफ के पिटारे में ऑपरेशन गाजी बाबा जैसी कई कहानियां हैं जिन्हें याद कर बीएसएफ के अधिकारी आज भी रोमांचित हो उठते हैं। बीएसएफ के पूर्व डीजी अजय राज शर्मा ने अमर उजाला से बातचीत में कहा कि 2001 में संसद पर हमले के बाद की जांच में गाजी बाबा का नाम पहली बार सामने आया। उस दौरान वह दिल्ली पुलिस के कमिश्नर थे।
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पूरे खुफिया तंत्र और एजेंसियों की मशक्कत के बावजूद बाबा की जानकारी नहीं मिल पा रही थी। पाकिस्तान समर्थित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के कमांडर गाजी बाबा की ताकत और वहशीपन की कहानी खुफिया एजेंसियों को मिलने लगी थी।

संसद हमले के मुकदमों के दौरान हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट ने भी सरकार से गाजी को ढूंढने का फरमान भी जारी किया था।

बीएसएफ ने ऐसे घेरा था गाजी बाबा को

BSF celebrates dussehra when they catches Terrorist

इसी बीच शर्मा का तबादला बीएसएफ महानिदेशक (डीजी) के पद पर हुआ। अजय राज शर्मा ने कहा कि लोकतंत्र के मंदिर पर हमले की साजिश रचने वाले गाजी को पकड़ना उनकी जिंदगी का सबसे बड़ा मकसद बन गया था। उस दौरान जम्मू-कश्मीर में बीएसएफ सेना के साथ आतंकवाद विरोधी कार्रवाई में लगी थी।

बीएसएफ के एक कमांडेंट एनएनडी दूबे ने इसकी जिम्मेदारी ली। महीनों की मशक्कत के बाद दूबे ने गाजी बाबा के घाटी में छुपे होने का दावा किया। उसे एक घर में घेरा गया।

बीएसएफ के जांबाजों का वह आपरेशन स्वर्ण जयंती के मौके पर एकत्र की जा रही कहानियों का अहम हिस्सा है। इस ऑपरेशन में कमांडेंट दूबे को सात गोलियां लगीं। इनके साथ एक और अधिकारी भी घायल हुआ और एक की मौत हुई।

कमांडेट दूबे प्रमोशन के बाद अब नेशनल इनवेस्टिगेशन एजेंसी (एनआईए) में डीआईजी के पद पर काम कर रहे हैं।

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