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इलाहाबाद के माघ मेले में संत का बेरहमी से कत्ल

Tue, 20 Jan 2015 11:08 PM IST
Updated Tue, 20 Jan 2015 11:08 PM IST
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brutally murdered of Sadhau in magh mela

प्रयाग में माघ की मेला की रौनक बीच सोमवार रात रत्नेश्वरानंद (65) की बेरहमी से हत्या कर दी गई। हत्यारे ने उनके सिर और गले पर फावड़े से कई वार किए थे। हत्या का आरोप सेवक राजेश (23) पर लगा है। मंगलवार सुबह जब आरती के वक्त संत शिविर से बाहर नहीं निकले तो सेवक जौहरी उनको बुलाने पहुंचा।

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शिविर में ताला लटकता देख उसका माथा ठनका। जौहरी ने संत अजयानंद को जानकारी दी। चिंता होने पर ताला तोड़ा गया तो भीतर तख्ते पर खून से लथपथ संत का शव पड़ा मिला। पास ही खून से सना फावड़ा भी पड़ा था। मौके पर डीएम भवनाथ, एडीएम समेत कई थानों की फोर्स भी पहुंच गई।
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हत्या का आरोपी अब तक पुलिस के हाथ नहीं लग सका है। वारदात को अंजाम काली सड़क पर सरस्वती चौराहा स्थित पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं भाजपा नेता सतपाल महाराज की मानव उत्थान सेवा समिति के मानव धर्म शिविर के पंडाल में दिया गया।
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माघ मेला शिविर के प्रधान संचालक रत्नेश्वरानंद सोमवार रात 7.30 बजे ही मथुरा से लौटे थे। हत्यारोपी राजेश आजमगढ़ का रहने वाला है। शिविर के लोगों के मुताबिक राजेश 15 वर्ष से समिति से जुड़ा था। दो दिन पूर्व उसका एक अन्य सेवक उमेश से झगड़ा हो गया था। उमेश ने फोन कर संत रत्नेश्वरानंद को इसकी जानकारी दी थी।

संत रत्नेश्वरानंद की हत्या का शिष्य पर आरोप

brutally murdered of Sadhau in magh mela

झगड़े की वजह स्पष्ट नहीं है। रत्नेश्वरानंद ने उमेश को खामोश रहने की सलाह दी थी। वह सोमवार रात पहुंचे और झगड़े पर राजेश को फटकार लगाई थी। इसके बाद वह मौनी अमावस्या के भंडारे की तैयारी में जुट गए। रात एक बजे के आसपास वह अपने शिविर में चले गए।

उन्होंने सेवक आशीष से कहा था कि उनके पांव में दर्द है। वह आकर मालिश कर दे। आशीष की जगह राजेश तेल का कटोरा लेकर उनके शिविर में चला गया। इसके बाद शिविर में क्या हुआ, किसी को कुछ पता नहीं।

आशंका है कि हत्या रात डेढ़ से दो बजे के बीच की गई। लूटपाट के सुबूत नहीं मिले हैं। शिविर में 40 हजार रुपये और संत के वस्त्र में 38 हजार रुपये मिले। राजेश के खिलाफ एफआईआर राजरूपपुर के रहने वाले समिति के सदस्य अनुराग गौतम ने दर्ज करवाई।

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