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बरेली: आग में जिंदा जल गए मासूम भाई बहन

Fri, 25 Dec 2015 08:50 AM IST
Updated Fri, 25 Dec 2015 08:50 AM IST
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Brother-sister burnt alive in bareilly.

बिजली के तारों से निकली चिंगारी ने एक परिवार की खुशियां छीन लीं। चिंगारी से पहले दीवार पर टंगे कलेंडर में आग लगी और कलेंडर बिस्तर पर गिरा तो रजाई के अंदर सो रहे मासूम भाई-बहन जिंदा ही जल गए। घरवालों को जब तक आग लगने का पता लगा तब-तक सबकुछ खत्म हो चुका था।

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बृहस्पतिवार को सुबह साढ़े छह बजे सुभाष नगर की शांति विहार कालोनी के विकास नगर में हुए इस अग्निकांड के बारे में जिसने सुना उधर ही दौड़ पड़ा। विक्रम सिंह सिक्योरिटी गार्ड हैं और विकास नगर में उनका अपना मकान है।
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रात में वह रोज की तरह अपने बच्चों को खूब प्यार करके ड्यूटी पर गए। क्रिसमस पर गिफ्ट दिलाने का वादा भी किया। पत्नी सत्या रघुवंशी, पांच साल की बेटी निहारिका सिंह और ढाई साल का बेटा शौर्य प्रताप सिंह जब सोए तो सब कुछ ठीक था।
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सुबह सत्या सोकर उठने के बाद बर्तन धोने चली गईं। अंदर कमरे में बेड पर निहारिका और शौर्य रजाई में सो रहे थे। उनके सिरहाने के ऊपर ही दीवार पर कलेंडर टंगा था और उसके नीचे बिजली के नंगे तार झूल रहे थे।

मां धो रही थी बर्तन, पिता गए थे काम पर

Brother-sister burnt alive in bareilly.

नंगे तार कलेंडर के हिलने से टकराए तो उसमें आग लग गई। जलता कलेंडर बेड पर सो रहे मासूमों की रजाई पर गिर गया। इससे रजाई में भी आग लग गई। आग से केजी में पढ़ने वाली निहारिका की बिस्तर में ही मौत हो गई।

उधर आग की जलन महसूस होने पर जागकर शौर्य प्रताप बिस्तर से उठकर भागा, लेकिन कमरे में अंधेरा और धुआं होने के कारण उसे दरवाजा नजर नहीं आया। वह अलमारी में छिप गया। मगर आग से अलमारी के अंदर ही उसकी भी मौत हो गई।

धुआं निकलते देख बराबर में ही मकान के दूसरे हिस्से में रह रहे विक्रम के छोटे भाई जसपाल ने शोर मचाया तो आसपास के लोग भी एकत्र हो गए। बर्तन धो रही सत्या भी भाग कर कमरे की तरफ पहुंचीं, लेकिन यहां धुएं की घुटन के कारण कोई अंदर जाने का साहस नहीं जुटा पाया। इसी बीच विक्रम घर आ गया।

आसपास के लोगों के सहयोग से घरवालों ने कमरे में पानी डाला तो धुआं कम हुआ। हादसे की सूचना पर एसओ जेपी यादव भी पहुंच गए। पुलिस ने अंदर जले पड़े दोनों मासूमों के शव बाहर निकाले तो कोहराम मच गया। बच्चों की अर्थी उठी तो हर आंख छलक उठी।

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