बोले गोवा के सीएम नहीं करुंगा दखलंदाजी
गोवा के मुख्यमंत्री लक्ष्मीकांत पारसेकर ने कहा है कि रिश्वतखोरी मामले की चल रही जांच में वह किसी तरह दखलंदाजी नहीं करेंगे। उल्लेखनीय है कि इस मामले में गोवा इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (जीआईडीसी) के एक अधिकारी दिलीप मालवंकर भी शामिल हैं जो गोवा के मुख्यमंत्री के साले हैं।
इन्हें रिश्वतखोरी मामले में गिरफ्तार किया जा चुका है। पारसेकर ने कहा कि उनके रिश्तेदार के अलावा कई अन्य अधिकारी भी इस मामले में शामिल हैं।बुधवार की रात एसीबी ने इन लोगों के घरों की तलाशी ली है और इन सभी को निलंबित भी किया जा सकता है।
पुलिस के अनुसार, मालवंकर जीआईडीसी में फील्ड मैनेजर हैं। इन्हें टुएम इंडस्ट्रियल एस्टेट में एक लाख रुपये रिश्वत लेकर प्लॉट आवंटित करने के आरोप में मंगलवार को गिरफ्तार किया गया है।
जनता ने पार्दर्शिता के वादे पर चुना
जीआईडीसी के दूसरे अधिकारी अजीत गौनेकर को भी इस मामले में मालवंकर के साथ गिरफ्तार किया गया है। पारसेकर
ने कहा, ‘मैं किसी भी विभाग के काम में दखलंदाजी करना पसंद नहीं करता, खात
तौर से कानूनी एजेंसियों के काम में।
एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने उनके
घरों की तलाशी भी ली है। दोनों अधिकारी निलंबित किए जा सकते हैं।’ उन्होंने
कहा कि जनता ने उन्हें पारदर्शिता के वादे पर ही सत्ता के लिए चुना है।