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सुहाग उजाड़ने वाले ने ही भरा भाभी की मांग में सिंदूर

Tue, 28 May 2013 06:58 PM IST
बक्सर
बक्सर Updated Tue, 28 May 2013 06:58 PM IST
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Brother-in-law married to the widow bhabhi

कहा जाता है कि किसी भी व्यक्ति का जीवन साथी भगवान तय करते हैं लेकिन किसी विधवा महिला ने यह नहीं सोचा होगा कि उसका पुनर्विवाह उस व्यक्ति के साथ होगा जिसने उसके पति की हत्या की थी।

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किसी ने भी यह नहीं सोचा होगा कि न्यायालय में जिसके बयान के कारण जो व्यक्ति उम्रकैद की सजा काट रहा है, वही बयान देने वाली भाभी उसकी जीवन संगिनी बन जाएगी। मगर ऐसा ही हुआ बिहार के बक्सर केंद्रीय कारागार की ओपेन जेल में।
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अपने ही भाई के कत्ल के जुर्म में उम्रकैद की सजा काट रहे कैदी 40 वर्षीय मोनारिक यादव ने अपनी विधवा भाभी मालो देवी की सूनी मांग में सिंदूर भर उसे फिर से सुहागन बना दिया।
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पुलिस के अनुसार दोनों का विवाह हिंदू रीति रिवाज के साथ संगमेश्वर भगवान शिव मंदिर में धूमधाम के साथ संपन्न हुआ।

इसमें न केवल मुक्त (ओपन) जेल के कैदी शामिल हुए, बल्कि जेल प्रशासन के अधिकारी भी शामिल होकर वर-वधू को आशीर्वाद दिया।

इसके पूर्व दोनों ने न्यायालय में जाकर भी विवाह कर एक-दूसरे के साथ जीने-मरने की कसमें खाईं।

जेल प्रशासन के एक अधिकारी ने बताया कि मोनारिक यादव को करीब 12 वर्ष पूर्व न्यायालय ने अपने सगे भाई रामजतन यादव की हत्या के आरोप में उम्रकैद की सजा सुनाई थी।


उसे यह सजा उसकी भाभी मालो देवी के बयान के कारण मिली थी। मालो ने 12 साल बहुत मुश्किल से गुजारे। मालो का कहना है कि पति के गुजर जाने का गम कोई विधवा ही बता सकती है।

अब मालो का फिर से विवाह हो गया है। विवाह से प्रसन्न मालो कहती है कि अब शायद उसके जीवन में एक बार फिर खुशियां लौट आएं।

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