क्या हुआ जो ब्रिटेन की महिलाओं ने पीएम मोदी को लिखा खत
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ब्रिटेन के प्रमुख महिला संगठनों और महिला शिक्षाविदों ने अगले महीने यूके के दौरे पर आने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भारत में महिलाओं के प्रति बढ़ती हिंसा पर उनकी ‘चुप्पी’ के संबंध में पत्र लिखा है।
पत्र में हस्ताक्षर करने वाली महिलाओं ने लिखा है कि वह प्रधानमंत्री के आरएसएस से संबंधों के प्रति चिंतित हैं। उन्होंने आरएसएस को इटली के फांसीवादी और जर्मनी के नाजीवादी के तौर पर अर्द्धसैनिक बल के रूप में वर्णित किया है जो अपने नेताओं के खुले तौर पर हिंसक और स्त्री जाति द्वेष प्रदर्शित करने के लिए जाना जाता है।
पीएम मोदी को खत में लिखी ये बातें
पत्र में लिखा गया है कि ब्रिटिश चैरिटी कमीशन आरएसएस की विदेशी विंग की ईसाईयों और मुस्लिमों के खिलाफ हेट स्पीच की जांच कर रही है।
पत्र में कहा गया है कि प्रधानमंत्री क्या आरएसएस द्वारा बढ़ावा दिए जाने वाले इस घृणित अपराध, पितृसत्तात्मक हिंसा ओर स्त्री के खिलाफ विद्वेष का समर्थन करते हैं यदि नहीं तो हम आपसे आग्रह करते हैं कि आप इन संगठनों का खुले तौर पर आलोचना करें।
पत्र में अपना हक की निदेशक ज्लाखा अहमद, आशा प्रोजेक्ट की निदेशक इला पटेल, आशियाना नेटवर्क लंदन की शमिंदर उभी, एशियन वूमन रिसोर्स सेंटर की निदेशक सरबजीत गांगर और दक्षिण एशियाई अल्पसंख्यक महिलाओं के संगठन समेत विभिन्न लोगों ने हस्ताक्षर किए हैं।