{"_id":"1ce5be06-97db-11e2-b06d-d4ae52bc57c2","slug":"brics-play-a-greater-role-on-international-stage","type":"story","status":"publish","title_hn":"अंतर्राष्ट्रीय मंच पर बड़ी भूमिका निभाएगा ब्रिक्स","category":{"title":"India News Archives","title_hn":"इंडिया न्यूज़ आर्काइव","slug":"india-news-archives"}}
अंतर्राष्ट्रीय मंच पर बड़ी भूमिका निभाएगा ब्रिक्स
डरबन से विशेष प्रतिनिधि
Updated Fri, 29 Mar 2013 12:57 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दो दिन के विमर्श और शिखर सम्मेलन के बाद जब ब्रिक्स घोषणा पत्र जारी किया गया तो इसमें विकास बैंक के गठन पर सहमति और बिजनेस काउंसिल के गठन को उपलब्धि बताया गया।
विज्ञापन
हालांकि अफगानिस्तान और फिलीस्तीन के हालातों और ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर अपनी राय को शामिल करके ब्रिक्स ने अंतर्राष्ट्रीय मंच पर अपनी बड़ी भूमिका का संकेत दे दिया। प्रस्ताव में ड्रग्स तस्करी, पाइरेसी और आतंकवाद के खिलाफ एकजुट होकर लड़ने का संकल्प लिया गया।
विज्ञापन
डरबन में भारत, ब्राजील, चीन, रूस और दक्षिण अफ्रीका के शासनाध्यक्षों की बैठक के बाद बुधवार को जारी घोषणा पत्र में ब्रिक्स के वित्तमंत्रियों की खासतौर पर प्रशंसा की गई जिनके प्रयासों से इन उभरती अर्थव्यवस्थाओं ने एक साथ विकास की राह पर चलना शुरू किया है।
विज्ञापन
इसमें पांचों देशों के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों के बीच नियमित अंतराल पर बैठकें, निजी क्षेत्र की सहभागिता से इंफ्रास्ट्रक्चर विकास और ग्रीन एनर्जी जैसे ज्वलंत मुद्दों पर एकसाथ काम करने का संकल्प शामिल है।
शिखर सम्मेलन में विकासशील देशों में भ्रष्टाचार को बड़ी बीमारी बताया गया और इससे मुक्ति के रास्ते तलाशने की बात की गई। इसके अलावा यूथ एक्सचेंज प्रोग्राम चलाने और ऊर्जा के क्षेत्र में सहयोग की बात भी
घोषणा पत्र में शामिल की गई।
झटकों से निपटने को सौ अरब डालर का इंतजाम
विकास के एंजेडे पर बढ़ने को ब्रिक्स देश कितने गंभीर हैं यह इससे पता चलता है कि वे समझौतों को लागू करते समय होने वाले संभावित उतार-चढ़ाव से निपटने की तैयारी अभी से कर लेना चाहते हैं।
पहले वित्त मंत्रियों की बातचीत और फिर शिखर सम्मेलन में ब्रिक्स देशों के बीच अपनी मुद्रा में आयात-निर्यात शुरू करने की दशा में एकाएक झटका लगने के खतरे की बात सामने आई।
इसके अलावा भी वैश्विक मुद्राओं के उतार-चढ़ाव की दशा में ब्रिक्स देशों की अर्थव्यवस्थाओं को सहारा देने के लिए 100 अरब डालर की आकस्मिक व्यवस्था की गई। इसमें सबसे बड़ा योगदान चीन कर रहा है।
अफ्रीकी देशों से कारोबार बढ़ाएंगे ब्रिक्स देश
ब्रिक्स और दक्षिण अफ्रीकी देशों के बीच हुई वार्ता में करीब 500 प्रोजेक्टों में सात करोड़ डालर के निवेश पर सहमति बनी।
दक्षिण अफ्रीका को छोड़कर बाकी के अफ्रीकी देशों में ब्रिक्स देशों से अब तक महज 6 फीसदी ही निवेश होता है। इसे बढ़ाने के लिए चीन समेत कई देशों ने रुचि दिखाई।
भारत के एक निजी उद्योग समूह ने दक्षिण अफ्रीका पोर्ट सिटी में इंटीग्रेटेड इंडस्ट्रियल टाउनशिप बनाने का एमओयू साइन किया है।