उभरते देशों की समावेशी जरूरतें पूरी करेगा ब्रिक्स बैंक : मोदी
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भारत ब्रिक्स देशों के 50 अरब डॉलर वाले न्यू डेवलपमेंट बैंक को राह दिखाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि विश्व बैंक का प्रतिद्वंदी यह बैंक विशेष रूप से उभरती अर्थव्यवस्थाओं की समावेशी और जवाबदेह जरूरतों को फाइनेंस करेगा। ब्रिक्स देशों में ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका शामिल हैं।
रविवार को ब्रिक्स देशों ने न्यू डेवलपमेंट बैंक की स्थापना में हुई प्रगति और 100 अरब डॉलर के लिक्विडिटी रिजर्व फंड की समीक्षा की क्योंकि उभरती अर्थव्यवस्थाएं वैश्विक मंच पर अपनी आवाज मजबूत करना चाहते हैं। यह बैठक 20 बड़ी अर्थव्यवस्थाओं की बैठक जी-20 से पहले हुई।
ब्रिक्स द्वारा वर्ल्ड बैंक के विकल्प के तौर पर देखे जाने वाले न्यू डेवलपमेंट बैंक की पूंजी अगले कुछ वर्षों में बढ़ा कर सौ अरब डॉलर की जाएगी। जुलाई में रूस के शहर उफा में हुई ब्रिक्स की बैठक में इसकी स्थापना पर सहमति बनी थी। आईसीआईसीआई बैंक के पूर्व प्रमुख केवी कामथ को शंघाई हेडक्वार्टर वाले इस बैंक का अध्यक्ष नियुक्त किया गया। अप्रैल में यह बैंक पहला कर्ज जारी कर सकता है।
कार्यों से दिए प्रासंगिकता के सबूत
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि भारत ब्रिक्स को सर्वोच्च महत्व देता है। मोदी ने कहा कि हमने अपने कार्यों के जरिये ऐसे समय में इसकी उपयोगिता और महत्व के सबूत दिए हैं जब दुनिया इसकी प्रासंगिकता पर सवाल उठा रही थी। उन्होंने कहा कि हम 1 फरवरी 2016 से ब्रिक्स की अध्यक्षता ग्रहण कर सम्मानित महसूस कर रहे हैं।
पीएम मोदी ने कहा, ‘भारत जब ब्रिक्स अध्यक्षता संभालेगा तब उसका ध्येय वाक्य होगा, जवाबदेही का निर्माण, समावेशी और सामूहिक समाधान, जो संक्षिप्त में ब्रिक्स होगा।’ यह हमारे समूह के सिद्धांतों को सही तरीके से व्यक्त करता है।