ब्रम्हेश्वर मुखिया का बेटा मैदान में, भाजपा बेचैन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रणवीर सेना के संस्थापक ब्रम्हेश्वर मुखिया के बेटे इंदुभूषण ने पाटिलपुत्र लोकसभा सीट पर भाजपा का चैन छीन लिया है। इंदुभूषण को चुनाव मैदान से हटाने के लिए बिहार भाजपा के कद्दावर भूमिहार नेताओं ने हर मुमकिन प्रयास कर लिया है, लेकिन इंदुभूषण मैदान से हटने को तैयार नहीं हैं।
चुनाव बाद उन्हें विधान परिषद सदस्य बनाने का भी प्रस्ताव दिया गया, लेकिन इस कद्दावर भूमिहार नेता का कहना है कि वह किसान और अपने समाज की सम्मान की लड़ाई से पीछे हटने वाले नहीं हैं।
हालांकि बिहार में अगड़ी जातियों में प्रभावशाली भूमिहार बिरादरी का ज्यादातर समर्थन भाजपा के साथ है। लेकिन पाटिलपुत्र लोकसभा सीट जहां से भाजपा ने लालू यादव के दाहिने हाथ रहे राजद से भाजपा में आए राम कृपाल यादव को लालू की बेटी मीसा यादव और जद (यू) के रंजन यादव के खिलाफ मैदान में उतारा है, इसलिए यहां भूमिहारों के एक बड़े वर्ग में असंतोष है।
मीसा यादव को हो सकता है फायदा
इस असंतोष को धार देने के लिए ही इंदुभूषण निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में मैदान में हैं। अमर उजाला से बातचीत में इंदुभूषण कहते हैं कि वह भाजपा के खिलाफ नहीं बल्कि राजद परिवार के उम्मीदवारों के खिलाफ चुनाव लड़ रहे हैं।
वह कहते हैं पाटिलपुत्र से भाजपा ने उस व्यक्ति को टिकट दिया है जिसने लगातार यहां राजद की राजनीति करते हुए समाज में जातीय भेदभाव को बढ़ावा दिया। ऐसे में समाज की राय बनी कि मुझे मैदान में उतरना चाहिए। इसलिए मैं समाज की इच्छा से चुनाव लड़ रहा हूं।
इंदुभूषण से पूछा गया कि उनके मैदान में होने से तो राजद उम्मीदवार मीसा यादव को फायदा हो सकता है, तो उनका जवाब था कि मैं खुद चुनाव जीतने के लिए लड़ रहा हूं। किसी को फायदा या नुकसान पहुंचाने के लिए मैदान में नहीं हूं। भाजपा ने यहां समाज के सामने कोई विकल्प नहीं छोड़ा है, इसलिए मुझे मैदान में आना पड़ा।
इंदुभूषण ने देसी किसान पार्टी भी बनाई
वैसे इंदुभूषण ने अपनी पार्टी देसी किसान पार्टी भी बनाई है। वह कहते हैं कि चुनाव आयोग से मान्यता न मिल पाने के कारण वह निर्दलीय हैं, लेकिन उनका इरादा आगे इस पार्टी को पंजीकृत कराकर बिहार की सभी 243 विधानसभा सीटों पर उम्मीदवार खड़े करने का है।
उनके मुताबिक देसी किसान पार्टी का मुख्य एजेंडा किसानों की समस्याओं और मुद्दों को उठाना है। वह कहते हैं कि किसानों को फसल का वाजिब दाम, जमीन का बाजार भाव की दर पर मुआवजा, दूध की कीमत अस्सी रुपए प्रति लीटर तक करवाने की मांग वह राष्ट्रीय स्तर पर उठाएंगे।
उनके दल ने पाटिलपुत्र के अलावा औरंगाबाद में भी उम्मीदवार खड़ा किया, क्योंकि वहां भी भाजपा ने जद(यू) से आए मौजूदा सांसद सुशील कुमार सिंह को टिकट दिया।
देसी किसान पार्टी रणवीर सेना का राजनीतिक रूप!
इंदुभूषण इस बात से इनकार करते हैं कि देसी किसान पार्टी रणवीर सेना का राजनीतिक रूप है। वह कहते हैं कि यह दुष्प्रचार है। पाटिलपुत्र सीट पर भूमिहारों की खासी तादाद है।
हालांकि भाजपा के भूमिहार नेता सीपी ठाकुर, राम जनम शर्मा आदि पार्टी उम्मीदवार के लिए सक्रिय हैं। ये नेता लगातार इंदुभूषण पर चुनाव से हटने का दबाव भी डाल रहे हैं।
लेकिन इंदुभूषण मान नहीं रहे हैं। देसी किसान पार्टी के युवा नेता इंदुभूषण के भतीजे चंदन मुखिया का कहना है कि भाजपा यह चुनाव मैदान से हटने का भ्रम फैला रही है। लेकिन हम जीतने के लिए चुनाव मैदान में हैं।