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चीनी पीएम के भारत दौरे पर सीमा विवाद की छाया!

Sat, 27 Apr 2013 12:13 AM IST
नई दिल्ली/बीजिंग/एजेंसी
नई दिल्ली/बीजिंग/एजेंसी Updated Sat, 27 Apr 2013 12:13 AM IST
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border row may cast shadow on chinese premier li keqiang india visit

विशेषज्ञों का मानना है कि लद्दाख क्षेत्र में चीनी घुसपैठ पर उठे विवाद की छाया चीन के नए प्रधानमंत्री ली केचियांग के प्रस्तावित भारत दौरे पर पड़ सकती है।

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चीनी पीएम अपनी पहली यात्रा पर नई दिल्ली आना चाहते हैं, जिससे कि यह संदेश जाए कि बीजिंग भारत के साथ अपने संबंधों को बेहतर बनाने का इच्छुक है, लेकिन सीमा विवाद नहीं सुलझा तो इसका असर ली की यात्रा के साथ ही उनकी योजना पर पड़ सकता है।
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पेचिंग विश्वविद्यालय के तहत संचालित स्कूल ऑफ इंटरनेशनल स्टडी में शस्त्र नियंत्रण और निरस्त्रीकरण केंद्र के निदेशक हान हुआ ने कहा है कि चीनी प्रधानमंत्री ने अपने पहले दौरे के लिए भारत का चयन करके द्विपक्षीय संबंधों में सुधार की इच्छा का संकेत दिया है, लेकिन मौजूदा सीमा विवाद उनके दौरे पर असर डाल सकता है।
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हालांकि चीन प्रधानमंत्री के भारत दौरे के बारे में अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन ली केचियांग ने अपने विदेशी दौरे के लिए सबसे पहले नई दिल्ली जाने की इच्छा जाहिर की है और यह दौरा मई में होने की संभावना है।

इससे पहले भारत के विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद 9 मई को बीजिंग की यात्रा पर आएंगे। हान ने एक स्थानीय अखबार से बातचीत में कहा है कि भारतीय मीडिया में चीनी सेना के घुसपैठ की खबरें नई नहीं हैं, लेकिन इस बार ये खबरें गलत समय में सामने आई हैं।

चीनी प्रधानमंत्री की भारत यात्रा से पहले इस तरह की खबरों का आना उचित नहीं है। राजदूत को इस बारे में बुलाना भी अनुचित था। एक अन्य चीनी विशेषज्ञ झांग योंगपान ने कहा है कि भारत और चीन के बीच लंबे समय से सीमा विवाद है।

उन्होंने कहा है कि आक्साई चिन में भी दोनों देशों के बीच सीमा विवाद है, लेकिन यह क्षेत्र काफी ऊंचाई पर है और यहां प्राकृतिक संसाधन की भी कमी है। इसलिए इस क्षेत्र को लेकर विवाद इतना बड़ा मुद्दा नहीं बनता।


एक अन्य विशेषज्ञ डांग मनयुयान ने कहा है कि दोनों देशों को अपने विकास की रफ्तार को जारी रखना चाहिए और इसके बीच में सीमा विवाद को नहीं आने देना चाहिए। उनका कहना है कि यह समस्या रातोंरात नहीं सुलझने वाली। ऐसे में इस मुद्दे पर धैर्य बनाए रखने की जरूरत है।

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