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मोदी के नाम पर 100 दिन में 80 किताबें

Sat, 13 Sep 2014 07:30 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, दिल्ली
टीम डिजिटल/अमर उजाला, दिल्ली Updated Sat, 13 Sep 2014 07:30 PM IST
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books on modi in 100 days.

नरेंद्र मोदी जब से प्रधानमंत्री बने हैं तब से उनके व्यक्तिगत जीवन को लेकर रिसर्च तेज हो गई है। ईटी की रिपोर्ट के अनुसार, अब तक प्रधानमंत्री मोदी के जीवन, घटनाओं और कुछ अनकही बातों को लेकर 80 किताबें लिखी जा चुकी हैं।

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खास बात यह है कि अभी नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के 100 दिन ही पूरे हुए हैं कि 80 से ज्यादा किताबों का प्रकाशन हो चुका है। इतना ही नहीं इनमें से कई किताबों का विमोचन खुद नरेंद्र मोदी या उनके कैबिनेट मंत्रियों ने किया है।
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मोदी पर किताब लिखने वाले मुख्यरूप से पत्रकार, वकील और राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ से जुड़े लोग हैं, लेकिन एक किताब उनके बाडीगॉर्ड ने भी लिखी है।

मोदी पर अब तक प्रकाशित 80 से ज्यादा किताबों की कीमत 45 रुपए से लेकर 500 रुपए तक बताई जाती है।

एक किताबः वडनगर से 7, रेस कोर्स

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हाल ही में मुंबई में एक कार्यक्रम के दौरान मानव विकास संसाधन मंत्री स्मृति इरानी ने एक किताब का विमोचन किया है ‌जिसमें मोदी की जीवन यात्रा चित्रों के माध्यम से दिखाई गई है। इस पुस्तक में मोदी के जीवन के कुछ दुर्लभ चित्रों का जिक्र किया गया है।

चित्रों पर आधारित इस किताब में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वडनगर के एक छोटे से गांव से प्रधानमंत्री बनने तक की कहानी समेटी गई है।

इस किताब को जब केंद्रीय मंत्री स्मृति इरानी लॉन्च कर रही थी उसी समय केंद्रीय वित्तमंत्री अरुण जेटली भी दिल्ली में एक किताब का विमोचन कर रहे थे।

मोदी पर प्रका‌शित इस लघु पुस्तक के ‌लेखक दिल्ली हाई कोर्ट के एक युवा वकील हैं। इस पुस्तक की सह-लेखिका निकिता परमार बताती हैं इस किताब में उन्होंने उनके कुछ करीब मित्रों, परिजनों और गुजरात के बहुत से लोगों के साक्षात्कार के बाद लिखी है।

मोदी पर लिखीं कुछ खास बातें

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निकिता परमार के अनुसार आपातकाल के दौरान मोदी किस तरह से डरे हुए थे और बेसमेंट छुपकर समय बिता रहे थे। रिपोर्ट के अनुसार, मोदी को आपातकाल के दौरान सिर्फ इसलिए घरों के बेसमेंट में छुपना पड़ रहा था कि उनके नाम के आगे मोदी लगा था।

आपातकाल के दौरान मोदी को ज्वॉडिस नाम की बीमारी होने की भी बात कही गई है। रिपोर्ट के अनुसार मोदी के परिवार वाले आज भी मोदी के हाथ की बनी साबूदाना की खिचड़ी का लाजवाब स्वाद याद है।

मोदी पर लिखीं 80 किताबों में से ज्यादातर किताबें हिंदी, और गुजराती में प्रकाशित हुई हैं।

कुछ किताबों नाम- दूरदृष्टा नरेंद्र मोदी, घर-घर मोदी, भविष्य की आशा नरेंद्र मोदी, नरेंद्र मोदी का राजनीतिक सफर, नरेंद्र मोदी से संघर्ष से शिखर तक, स्वर्णिम गुजरात ना मोदी और अंग्रेजी में नरेंद्र मोदी, यस ही कैन और मोदीः चेंज वी कैन विलीव इट आदि हैं।

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