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वाराणसी हादसा: 12वीं के छात्र ने बचाई 4 की जान

Thu, 07 Aug 2014 05:42 PM IST
अजीत कुमार सिंह/अमर उजाला, वाराणसी
अजीत कुमार सिंह/अमर उजाला, वाराणसी Updated Thu, 07 Aug 2014 05:42 PM IST
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varansi accident: 12th student saved 4 lives

"रोज की तरह मंगलवार को भी मैं स्कूल से अपने दोस्तों राहुल, निशा और नेहा के साथ लौट रहा था। घर और स्कूल के बीच में पड़ने वाली गंगा को पार करने के लिए हम नाव में सवार हो गए। नाव आगे बढ़ी तो लहरें रोज से कुछ तेज लग रही थीं। दोपहर बाद लगभग 3:50 का समय रहा होगा। एक बड़ी लहर आई और नाव में पानी भर गया। नाव पर सवार लोगों के साथ मैं भी दूध के खाली बाल्टे से नाव से पानी निकालने में लग गया। लेकिन उसके बाद आई दो लहरों से नाव पूरी तरह पानी से भर गई और डूबने लगी। बाल्टों की मदद से मैंने चार लोगों को नदी से बाहर निकलने में मदद की लेकिन अपने दोस्तों को नहीं बचा पाया।" इतना बताते-बताते हिमांशु की आंखे भर आईं। वह अपने को रोक नहीं पाया और फफक कर रो पड़ा।

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हादसे के वक्त नाव में सवार था हिमांशु

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मंगलवार को बेटावार में हादसे का शिकार हुई नाव में हिमांशु भी सवार था। मिर्जापुर के गांगपुर का रहने वाला हिमांशु बच्छांव स्थित महामना इटर कालेज में इंटर का छात्र है।

उसके पिता तेजबलि सिंह गांव के पास ही एक स्कूल में शिक्षक हैं। हिमांशु ने बताया कि नाव डूबने के बाद पानी में डूब रहे लोग मदद के लिए आवाज लगा रहे थे।

इसी बीच उसने संतोष और मुन्ना मांझी की मदद से कुछ लोगों को बाल्टों के सहारे किनारे तक पहुंचाया। कुछ और लोगों की तरफ भी बाल्टे फेंके लेकिन जल्दबाजी में वे उसपर बिना ढक्कन लगाए ही बाहर निकलने की कोशिश करने लगे इसलिए वे डूब गए।

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खुद तैर कर निकला बाहर

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अंत में हिमांशु भी बिना ढक्कन वाला बाल्टा लेकर तैरने लगा। उसने बताया कि बाल्टे को नदी में अगर उल्टा कर डाला जाए तो वह नहीं डूबता। इसी बीच अपनी जान बचाने के लिए एक महिला ने हिमांशु को पकड़ लिया।

हिमांशु ने उसकी जान बचाने के लिए अपना बाल्टा उसे दे दिया लेकिन गंगा की उफनाती लहरों के आगे वह ज्यादा देर संघर्ष नहीं कर सकी और डूब गई।

बाल्टा देने के बाद तैर रहे हिमांशु की हिम्मत भी थोड़ी देर बाद जवाब देने लगी थी। इसी बीच बचाव कार्य में लगी एक नाव उसकी तरफ आई और उसे नदी से बाहर निकाल लिया।

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हादसे के दूसरे दिन 7 शव मिले

varansi accident: 12th student saved 4 lives

गंगा में नाव हादसे के दूसरे दिन बुधवार को रात तक सात और शव बरामद किए गए।

तीन कैथी, दो सामनेघाट और एक शव रोहनिया के माधोपुर में मिला। एक शव मंगलवार को ही बरामद हो गया था। एक अन्य शव बनारस में ही नदी में बहता मिला।

लापता लोगों को खोजने के लिए एनडीआरएफ और पीएसी की टीम जुटी हुई है। हादसे के बाद से अब तक कुल आठ शवों की शिनाख्त की जा चुकी है। 23 लोगों के अब भी लापता होने की आशंका जताई जा रही है।

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